Railway: बिना कारण ट्रेन की चेन खींची तो खैर नहीं! रेलवे ने बढ़ाई सख्ती, अब तक इतने पर हो चुकी है कार्रवाई
रेलवे के नियमों के मुताबिक, बिना किसी उचित कारण के ट्रेन में चेन पुलिंग करना रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है। इस प्रावधान के अनुसार दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 1000 रुपये तक का जुर्माना या एक साल तक की सजा हो सकती है।
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ट्रेन यात्रा के दौरान बिना किसी जरूरी कारण के चेन खींचकर ट्रेन रोकने वालों पर भारतीय रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। इसको लेकर रेलवे ने विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत ऐसे यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
रेल मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल ने बड़े स्तर पर अभियान चलाकर उन लोगों को पकड़ा, जो बिना ठोस वजह के चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोकते हैं। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों पर शिकंजा कसा गया। रेलवे के मुताबिक, चेन पुलिंग के मामलों में करीब 20 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही दोषियों से एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया है।
ऑपरेशन समय पालन के तहत भारतीय रेलवे ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला है। वहीं, देशभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल जुर्माने की राशि कई करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल अलार्म चेन पुलिंग का गलत इस्तेमाल करने वाले 16 हजार से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इनमें से 14 हजार से अधिक लोगों को जेल भेजा गया, जबकि 58 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना भी वसूला गया।
उपाध्याय ने बताया कि ऑपरेशन समय पालन का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार करना है। अक्सर देखा गया है कि ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पातीं, जिसकी एक बड़ी वजह अलार्म चेन पुलिंग का गलत इस्तेमाल है। इसी समस्या को रोकने के लिए द्वारा ऑपरेशन समय पालन चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत एसीपी का दुरुपयोग करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे कानून के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे ने बताया, बड़े शहरों के बाहरी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ कुछ दूरदराज जगहों पर ट्रेनों में चेन पुलिंग की घटनाएं ज्यादा सामने आती थीं। इन स्थानों पर बिना वजह ट्रेन रोकने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। कई मामलों में अपराधी किसी वारदात को अंजाम देने के बाद चेन खींचकर ट्रेन रुकवा देते थे और मौके से फरार हो जाते थे। हालांकि, अभियान शुरू होने के बाद ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है और हालात में सुधार देखने को मिला है।
चैन पुलिंग से रेलवे को इतना होता है नुकसान
रेलवे के अनुसार, अगर कोई बिना वजह अलार्म चेन खींच देता है तो ट्रेन को कम से कम 10 से 15 मिनट का नुकसान होता है। इससे ट्रेन अपने तय समय से पीछे हो जाती है और उसकी समय-सारणी बिगड़ जाती है। इसका असर केवल एक ट्रेन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके पीछे चलने वाली अन्य ट्रेनों की समयबद्धता भी प्रभावित होती है, जिससे पूरे रेल संचालन पर असर पड़ता है।
उत्तर रेलवे ने 1 जनवरी 2026 से 15 मार्च के बीच बिना वजह चेन पुलिंग करने वाले 2254 लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान उनसे करीब 6 लाख 52 हजार 650 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 के तहत फरवरी तक अभियान चलाकर 9,911 लोगों को गिरफ्तार किया और उनसे 32 लाख 90 हजार 534 रुपये की जुर्माना राशि वसूली की। इसके अलावा पूर्व मध्य रेलवे ने 1 मार्च से 15 मार्च के बीच 514 लोगों को हिरासत में लिया और उनसे 1 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।