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Elections 2026: बंगाल में ECI फिर करेगा अफसरों के तबादले? केरल में समस्ता को सियासी विवाद में न घसीटने की अपील

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 30 Mar 2026 10:33 AM IST
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सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़ें...

Assembly Election 2026: Assam, Kerala, Puducherry, Tamil Nadu, West Bengal, Election News of 30 March; Updates
चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारत निर्वाचन आयोग इस हफ्ते पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादलों का एक और दौर शुरू कर सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर सूत्र ने बताया कि इस बार भी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) और पुलिस इंस्पेक्टरों को बदला जा सकता है। राज्य में बीडीओ चुनाव के समय रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाते हैं। पश्चिम बंगाल उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां पुलिस इंस्पेक्टर का पद राजपत्रित श्रेणी का होता है। इससे पहले रविवार को आयोग ने 83 बीडीओ और 184 पुलिस इंस्पेक्टरों के तबादले के आदेश दिए थे। ये अधिकारी थानों में प्रभारी के तौर पर तैनात थे।
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15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही आयोग समय-समय पर अधिकारियों को बदल रहा है। यह सिलसिला मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे शीर्ष पदों से शुरू हुआ था। दूसरे चरण में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक जैसे अधिकारियों को बदला गया। अब निचले स्तर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने इन तबादलों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आयोग भाजपा के कहने पर अधिकारियों को हटा रहा है। कलकत्ता हाईकोर्ट में इन तबादलों के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
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जिफरी थंगल ने कहा- समस्ता को राजनीतिक विवादों में न घसीटें
समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के अध्यक्ष सैयद मुहम्मद जिफरी मुथुकोया थंगल ने नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि संगठन को बेवजह राजनीतिक विवादों में शामिल करने वाले बयानों से बचना चाहिए। यह बयान संगठन के नेता मुक्कम उमर फैजी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की आलोचना की थी। फैजी ने विधानसभा चुनाव में सामान्य सीटों पर महिला उम्मीदवारों को उतारने का विरोध किया था। थंगल ने रविवार को स्पष्ट किया कि चुनाव में उम्मीदवार तय करना पूरी तरह से राजनीतिक पार्टियों का काम है। पार्टियों को खुद इसके फायदे और नुकसान पर विचार करना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदार लोगों को ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। केरल में 9 अप्रैल को मतदान होना है। थंगल ने यह भी कहा कि धर्म और राजनीतिक दलों के विचार इन मामलों पर अलग-अलग हो सकते हैं।

इससे पहले फैजी ने एक चैनल से कहा था कि महिलाओं को केवल आरक्षित सीटों से ही चुनाव लड़ना चाहिए। उनके अनुसार, आईयूएमएल ने पहले इस मुद्दे पर संगठन की राय मांगी थी। तब संगठन ने कहा था कि सामान्य सीटों के लिए महिलाओं के नाम पर विचार करने की जरूरत नहीं है। आईयूएमएल ने इस बार दो महिलाओं को सामान्य सीटों से मैदान में उतारा है। कोझिकोड की पेराम्बरा सीट से फातिमा ताहिलिया और कन्नूर की कूथुपारम्बा सीट से जयंती राजन चुनाव लड़ रही हैं।

बंगाल में चौथी वोटर लिस्ट जारी, चुनाव की तैयारियां तेज
चुनाव आयोग ने रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चौथी पूरक वोटर लिस्ट जारी कर दी है। यह लिस्ट विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है। हालांकि आयोग ने इस बार भी यह साफ नहीं किया कि कितने नाम जोड़े गए हैं और कितने हटाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, पहले जारी अंतिम वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख नामों को 'जांच के तहत' रखा गया था। इन नामों पर फैसला लेने के लिए 705 न्यायिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी। अब उन्हीं की जांच के आधार पर यह नई लिस्ट जारी की गई है। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे। इसके बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग लगातार कोशिश कर रहा है कि वोटर लिस्ट पूरी तरह सही और पारदर्शी हो, ताकि निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें।
 

DMK की योजना पर पलानीस्वामी का हमला, बोले- कमीशन का खेल
तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने डीएमके की इलाथरासी योजना पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को दिए जाने वाले 8,000 रुपये के कूपन के पीछे कमीशन का खेल है। पलानीस्वामी ने कहा कि इस योजना में लोगों को खास ब्रांड के सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जाएगा और कूपन देने वाले लोग कमीशन लेंगे। उन्होंने दावा किया कि डीएमके सरकार जनता को फिर से गुमराह कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस योजना के तहत महिलाओं को टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू सामान खरीदने में मदद देने का वादा किया है। पलानीस्वामी ने अपनी पार्टी के वादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये देगी और मछुआरों को 12,000 रुपये की मदद मिलेगी। उन्होंने डीएमके पर पुराने वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया।
 

VCK ने उम्मीदवारों की सूची जारी, थिरुमावलवन खुद लड़ेंगे चुनाव
तमिलनाडु में डीएमके के सहयोगी दल विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन खुद कट्टुमन्नारकोइल सीट से चुनाव लड़ेंगे। वीसीके को डीएमके गठबंधन में कुल आठ सीटें मिली हैं, जिनमें से छह सीटें आरक्षित हैं। पार्टी ने बाकी सीटों के लिए भी उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जिनमें टिंडिवनम, अरक्कोनम और पेरियाकुलम शामिल हैं। इसी बीच, एआईएडीएमके से निकाली गई नेता वीके शशिकला ने भी अपनी पार्टी की ओर से 21 उम्मीदवारों का एलान किया है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होगा, और सभी पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं।

समस्ता संगठन को विवादों से दूर रखें- जिफरी थंगल
केरल में समस्ता के प्रमुख सैयद मोहम्मद जिफरी मुतुकोया थंगल ने नेताओं से अपील की है कि वे संगठन को राजनीतिक विवादों में न घसीटें। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय इस तरह के बयान देने से अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं। यह बयान उस समय आया जब समस्ता के एक नेता ने आईयूएमएल द्वारा सामान्य सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारने की आलोचना की थी। थंगल ने कहा कि उम्मीदवार तय करना हर पार्टी का अपना अधिकार है और उन्हें सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और राजनीति के विचार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इस तरह के मामलों में सावधानी बरतनी जरूरी है। केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं, और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति में लगे हुए हैं।

कांग्रेस ने जारी की पहली सूची, मुस्लिम उम्मीदवार पर बवाल
प. बंगाल में कांग्रेस ने 284 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। सूची जारी होने के साथ ही पार्टी की आंतरिक कलह भी सामने आ गई है। मालदा जिले के चंचल विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने आसिफ महबूब को उम्मीदवार घोषित किया तो पार्टी कार्यकर्ता विरोध पर उतर आए। पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। कुर्सियां तोड़ने का वीडियो भी वायरल हुआ। आरोप है कि पार्टी ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज कर मुस्लिम उम्मीदवार उतारा है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
 

तृणमूल में असंतोष, अभिषेक बनर्जी की सभा में हंगामा
बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल के अंदर टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार को मुर्शिदाबाद के नवादा में तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी की जनसभा के दौरान भारी हंगामा हुआ। सभा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई कुर्सियां तोड़ दी गईं और आपस में झड़प भी हुई। दरअसल, स्थानीय नेता शफीउज्जमान शेख को टिकट न मिलने को लेकर यह बवाल हुआ। उनकी जगह शाहिना मुमताज को उम्मीदवार बनाया है।

चेन्नई में द्रमुक-अन्नाद्रमुक के बीच 13 सीटों पर सीधी टक्कर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में चेन्नई जिले की ज्यादातर सीटों पर मुख्य मुकाबला अन्नाद्रमुक और द्रमुक के बीच होगा। अन्नाद्रमुक ने 16 में से 13 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर द्रमुक को चुनौती दी है। अन्नाद्रमुक प्रमुख ईके पलानीस्वामी ने पूर्व मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पी संथानाकृष्णन और आधी राजाराम मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ क्रमशः कोलाथुर और चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ेंगे। द्रमुक ने अपने कई मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया है और कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया है। अन्नाद्रमुक ने मायलापुर, सैदापेट और पेरंबूर सीटें अपने सहयोगी दलों भाजपा, एएमएमके और पीएमके को दी हैं। हालांकि नाम तमिलर काची और विजय की पार्टी टीवीके के मैदान में होने से कुछ सीटों पर मुकाबला चतुष्कोणीय का भी हो सकता है।

बंगाल चुनाव के बीच चुनाव आयोग ने 184 पुलिस इंस्पेक्टरों के तबादले किए
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच 184 पुलिस इंस्पेक्टरों के तबादले का आदेश दिया है। इनमें से 153 अधिकारी पश्चिम बंगाल पुलिस के हैं और 31 कोलकाता पुलिस से जुड़े हैं। इनमें से ज्यादातर अधिकारी थानों के प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं। इससे पहले आयोग ने 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) के तबादले भी किए थे।15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से ही आयोग अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को बदल रहा है। इसकी शुरुआत मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे बड़े पदों से हुई थी। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक जैसे अधिकारियों के तबादले हुए। अब निचले स्तर के अधिकारियों जैसे एसडीएम, बीडीओ और इंस्पेक्टरों की बारी है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ने इन तबादलों का विरोध किया है। उनका आरोप है कि आयोग भाजपा के इशारे पर यह कार्रवाई कर रहा है। इस मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है, जहां अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे।
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