सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Census to go digital in 2027, Citizens will have to fill in their own information online, Updates

जनगणना की तैयारी तेज: रजिस्ट्रार जनरल ने बताया- व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय, आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Mon, 30 Mar 2026 12:25 PM IST
विज्ञापन
सार

जनगणना 2027 को लेकर बताया गया कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। यह जानकारी न तो RTI के तहत साझा की जाएगी, न अदालत में साक्ष्य बनेगी और न किसी अन्य संस्था को दी जाएगी।

Census to go digital in 2027, Citizens will have to fill in their own information online, Updates
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताई अहम बातें - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

Trending Videos

एसआईआर को लेकर बताई अहम बात

नारायण ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में पहले चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्डवर्क कई राज्यों में शुरू होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में कराई जाती है और इस बार डेटा संग्रह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना और एसआईआर के बीच कोई सहसंबंध नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना

उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अहम भूमिका होती है, जहां प्रशासनिक तंत्र को जमीनी स्तर तक सक्रिय किया जाता है। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी और यह स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी।


जनगणना-2027 के लिए 1 मार्च, 2027 को संदर्भ तिथि के रूप में निर्धारित किया गया है। हालांकि, लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फ से ढके क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्तूबर, 2026 तय की गई है। नारायण ने संदर्भ तिथि के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह समय में एक स्नैपशॉट के रूप में कार्य करती है। इससे देश भर में समान और विश्वसनीय जनसांख्यिकीय व सामाजिक-आर्थिक डेटा एकत्र करने में मदद मिलती है। यह डेटा की स्थिरता और वैधता सुनिश्चित करती है।

डिजिटल प्रणाली और स्व-गणना

नारायण ने बताया कि डिजिटल प्रणाली को अपनाने से नागरिकों को स्व-गणना करने की सुविधा मिलेगी। वे सीधे अपने व्यक्तिगत विवरण दर्ज कर पाएंगे। इससे गणना करने वालों पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। यह पूरी जनगणना प्रक्रिया को अधिक कुशल और सुगम बनाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह स्व-गणना विंडो पंद्रह दिन की अवधि के लिए उपलब्ध होगी। यह सुविधा तीस दिन के हाउसलिस्टिंग संचालन शुरू होने से ठीक पहले प्रदान की जाएगी। इससे नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी स्वयं दर्ज करने का एक महत्वपूर्ण और सुविधाजनक अवसर मिलेगा। यह कदम गणना करने वालों के कार्यभार को कम करने में सहायक होगा और डेटा संग्रह की सटीकता को भी बढ़ाएगा।

समयरेखा और प्रशिक्षण

एक विस्तृत समयरेखा प्रदान करते हुए, नारायण ने बताया कि ग्यारह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अप्रैल 2026 में एचएलओ प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसके बाद, नौ राज्य मई में इसे संचालित करेंगे। तीन राज्य जून में, दो राज्य जुलाई में और दो राज्य अगस्त में इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे। दूसरा चरण, जनसंख्या गणना, व्यक्तिगत स्तर के डेटा एकत्र करने पर केंद्रित होगा। इसमें व्यक्तियों की आयु, लिंग, व्यवसाय, साक्षरता और जाति का विवरण शामिल होगा। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के लिए देश भर में अस्सी हजार से अधिक गणना करने वालों के प्रशिक्षण बैच बनाए गए हैं।

वित्तीय आवंटन और डेटा सुरक्षा

नारायण ने यह भी जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिसंबर 2025 में जनगणना के लिए कुल 11,718.24 करोड़ रुपये का परिव्यय स्वीकृत किया था। प्रशासनिक सीमाएं एक जनवरी, 2026 तक स्थिर कर दी गई थीं। पहले चरण का पूर्व-परीक्षण पिछले नवंबर (नवंबर 2025) में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए, नारायण ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान एंड-टू-एंड सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसमें शामिल डेटा केंद्रों को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के रूप में नामित किया गया है।

अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी

जनगणना से पहले अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी जारी की गई है। किसी भी तरह की लापरवाही, डेटा का दुरुपयोग, जनगणना कार्य में बाधा या नागरिकों से आपत्तिजनक सवाल पूछना अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।

17 मार्च को राज्यों को भेजे गए पत्र में इन प्रावधानों का उल्लेख किया गया है, जिसमें अपराध की गंभीरता के आधार पर 1,000 रुपये तक के जुर्माने से लेकर तीन साल तक की सजा का प्रावधान शामिल है।

इस बार की जनगणना में क्या हुआ बड़ा बदलाव?

इस बार की जनगणना का एक बड़ा बदलाव यह भी है कि पहली बार लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने वाले जोड़ों को शादीशुदा माना जाएगा, बशर्ते वे अपने संबंध को स्थायी मानते हों। यह स्पष्टीकरण जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए एक सवाल के जवाब में सामने आया है।

डिजिटल प्रणाली के तहत लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे गणनाकर्मियों पर निर्भरता कम होगी और डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक बनेगी।

हाउस लिस्टिंग में कितने सवाल पूछे जाएंगे?

जनगणना के हाउस लिस्टिंग चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या से जुड़ा प्रश्न भी शामिल होगा। यह चरण 45 दिनों तक चलेगा। हाउस लिस्टिंग का काम 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा, जबकि अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए समयसीमा अलग से तय की जाएगी। साथ ही, घर के मुखिया का लिंग पुरुष, महिला या ट्रांसजेंडर भी दर्ज किया जाएगा।

जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जैसे नाम, आयु, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, व्यवसाय, धर्म, जाति/जनजाति, विकलांगता और प्रवास का विवरण एकत्र किया जाएगा। इस प्रक्रिया में बेघर लोगों को भी शामिल किया जाएगा। पूरे अभियान में देशभर के करीब 30 लाख प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे, जो सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed