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Pune: मोशी इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई आठ, चौथे दिन मलबे से मिले सात और शव; एक अभी भी लापता
Sun, 12 Jul 2026 01:54 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:54 AM IST
सार
पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी लैंडफिल साइट पर हुए हादसे में मृतकों की संख्या आठ हो गई है। बचाव अभियान के चौथे दिन मलबे से सात और शव निकाले गए, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। घटना उस समय हुई थी जब कचरे का बड़ा ढेर वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर गिर गया।
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पुणे इमारत हादसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित मोशी लैंडफिल साइट पर हुए इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। शनिवार को राहत एवं बचाव अभियान के चौथे दिन मलबे में फंसे सात और लोगों के शव बरामद किए गए। वहीं, एक व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है। यह हादसा आठ जुलाई को दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। मोशी लैंडफिल साइट पर कचरे का एक बड़ा ढेर वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर गिर गया था।
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के जनसंपर्क अधिकारी की ओर से जारी बयान के अनुसार, हादसे के समय कुल 23 लोग फंस गए थे। इनमें 22 लोग इमारत के भीतर और एक व्यक्ति पास के कचरे के ढेर के नीचे था। हादसे के दौरान इमारत में मौजूद पांच लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बचाव दल ने उसी दिन नौ अन्य लोगों को जीवित बाहर निकाल लिया था।
कई दिनों से मलबे में फंसे थे सभी लोग
राहत एवं बचाव अभियान भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, पीएमआरडीए अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम चला रही है। नौ जुलाई को बचाव दल ने इमारत में फंसे एक अन्य व्यक्ति भवेश वाणी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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अधिकारियों के अनुसार, इमारत की क्षतिग्रस्त और अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। मलबा हटाने के लिए 12 एक्सकेवेटर, डंपर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, लेकिन इमारत के असुरक्षित होने के कारण भीतर पहुंचने में देरी हुई। शुक्रवार देर रात दो अत्याधुनिक डिमोलिशन एक्सकेवेटर मौके पर लाए गए। एनडीआरएफ के तकनीकी मार्गदर्शन में इमारत के अस्थिर कंक्रीट हिस्सों को सावधानीपूर्वक हटाया गया, जिसके बाद बचाव दल अंदर पहुंच सका।
सात लोगों के शव निकाले, एक अभी भी लापता
शनिवार को चलाए गए अभियान के दौरान अक्षय सावंत (35), सुनील कोरके (40), सनी माने (39), महेश कुंभार (33), नागेश गायकवाड़ (26), रंजीत पाटिल (22) और राहुल गायकवाड़ (35) के शव इमारत के भीतर से बरामद किए गए। सभी को तत्काल पिंपरी के वाईसीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण गोफणे ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी पास के कचरे के ढेर के नीचे फंसा हुआ है। उसकी तलाश के लिए एनडीआरएफ के डॉग स्क्वॉड और भारी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है।
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पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के जनसंपर्क अधिकारी की ओर से जारी बयान के अनुसार, हादसे के समय कुल 23 लोग फंस गए थे। इनमें 22 लोग इमारत के भीतर और एक व्यक्ति पास के कचरे के ढेर के नीचे था। हादसे के दौरान इमारत में मौजूद पांच लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बचाव दल ने उसी दिन नौ अन्य लोगों को जीवित बाहर निकाल लिया था।
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कई दिनों से मलबे में फंसे थे सभी लोग
राहत एवं बचाव अभियान भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, पीएमआरडीए अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम चला रही है। नौ जुलाई को बचाव दल ने इमारत में फंसे एक अन्य व्यक्ति भवेश वाणी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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अधिकारियों के अनुसार, इमारत की क्षतिग्रस्त और अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। मलबा हटाने के लिए 12 एक्सकेवेटर, डंपर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, लेकिन इमारत के असुरक्षित होने के कारण भीतर पहुंचने में देरी हुई। शुक्रवार देर रात दो अत्याधुनिक डिमोलिशन एक्सकेवेटर मौके पर लाए गए। एनडीआरएफ के तकनीकी मार्गदर्शन में इमारत के अस्थिर कंक्रीट हिस्सों को सावधानीपूर्वक हटाया गया, जिसके बाद बचाव दल अंदर पहुंच सका।
सात लोगों के शव निकाले, एक अभी भी लापता
शनिवार को चलाए गए अभियान के दौरान अक्षय सावंत (35), सुनील कोरके (40), सनी माने (39), महेश कुंभार (33), नागेश गायकवाड़ (26), रंजीत पाटिल (22) और राहुल गायकवाड़ (35) के शव इमारत के भीतर से बरामद किए गए। सभी को तत्काल पिंपरी के वाईसीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मण गोफणे ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी पास के कचरे के ढेर के नीचे फंसा हुआ है। उसकी तलाश के लिए एनडीआरएफ के डॉग स्क्वॉड और भारी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी है।