राफेल डील पर राहुल का नया आरोप, भाजपा बोली- बेशर्मी की पराकाष्ठा है
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भाजपा ने राफेल विमान समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए राहुल गांधी के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए इसे बेशर्मी और गैरजिम्मेदारी की पराकाष्ठा बताया। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करने के लिए राहुल ने एयरबस के जिस ईमेल का जिक्र किया, उसमें लड़ाकू विमान की खरीदारी नहीं, बल्कि किसी हेलीकॉप्टर सौदे का उल्लेख है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एयरबस को भी कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार में हुए सौदों को लेकर संदेह के घेरे में है। उन्होंने राहुल गांधी से इस बात का जवाब देने को कहा कि उन्हें कंपनी का आंतरिक ईमेल कैसे मिला। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी कंपनी के ‘‘लॉबीस्ट’’ के तौर पर काम करने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने कहा कि गांधी परिवार से आने वाले पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुए कई ‘‘संदेहास्पद’’ रक्षा सौदों को लेकर भाजपा के उनके साथ गंभीर मतभेद हैं, लेकिन उन पर कभी देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (राहुल गांधी ने) हमारे ईमानदार प्रधानमंत्री पर आरोप लगाकर स्वयं पर कीचड़ उछाला है। हम जनता के सामने उनके झूठ का पर्दाफाश करेंगे।’’
इससे पहले राफेल मामले में सामने आई एक नयी मीडिया रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबानी के ‘बिचौलिए’ की तरह काम करने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसको लेकर मोदी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।
उन्होंने अंग्रेजी अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर का हवाला देते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री के फ्रांस दौरे से पहले अंबानी को कैसे पता चल गया था कि सौदा होने वाला है और कांट्रैक्ट उन्हें मिलने वाला है? गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक ईमेल सामने आया है जिससे सवाल पैदा होता है कि अनिल अंबानी कैसे प्रधानमंत्री के दौरे से पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर रहे थे?’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सौदे के बारे पता नहीं था। तत्कालीन विदेश सचिव को नहीं मालूम था। एचएएल को नहीं मालूम था। लेकिन अनिल अंबानी को पहले से पता था कि सौदा होने वाला है, जबकि अंबानी फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे।’’
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उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है। इसको लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। गांधी ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के लिए बिचौलिए की तरह काम कर रहे हैं। यह पूरी तरह स्पष्ट है।’’
उन्होंने इस मामले से जुड़ी कैग रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल रिपोर्ट’ है जिसका कोई मतलब नहीं है। गौरतलब है कि सरकार तथा अंबानी का समूह कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं।
Rahul Gandhi: Narendra Modi ji is acting as the middleman of Anil Ambani. This email is clear. An Airbus executive wrote that Mr.Anil Ambani met the French Defence Minister and told him 10 days before the #Rafale deal was signed that he was going to get it pic.twitter.com/h2tQQUgSXk
— ANI (@ANI) February 12, 2019
संसद में आज रखी जाएगी राफेल सौदे पर कैग रिपोर्ट
राफेल सौदे में कथित घोटाले के विपक्ष के आरोपों के बीच मोदी सरकार मंगलवार को संसद में कैग रिपोर्ट रखेगी। प्रोटोकॉल के तहत नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) अपनी रिपोर्ट की एक प्रति राष्ट्रपति और दूसरी प्रति वित्त मंत्रालय को भेजते हैं। सूत्रों के अनुसार, राफेल पर कैग रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी गई है।
राष्ट्रपति भवन से कैग रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर के कार्यालय और राज्यसभा के चेयरमैन के कार्यालय भेजी जाती है। 16वीं लोकसभा का मौजूदा सत्र बुधवार को स्थगित हो रहा है। यह मौजूदा सरकार का आखिरी सत्र है। सूत्रों का कहना है कि इसलिए सरकार मंगलवार को ही कैग रिपोर्ट संसद में रखेगी। अप्रैल-मई में आम चुनाव के बाद 17वीं लोकसभा का गठन होगा।
सूत्रों के अनुसार, कैग ने राफेल पर 12 चैप्टर की रिपोर्ट तैयार की है। रक्षा मंत्रालय ने राफेल विमान पर विस्तृत जवाब और संबंधित रिपोर्ट कैग को सौंपी थी। इसमें खरीद प्रक्रिया की जानकारी के साथ 36 राफेल विमानों की कीमत भी बताई गई थी।