{"_id":"6a65a6b5fcbb783be00f0237","slug":"rahul-gandhi-asks-amit-shah-who-ordered-assault-on-students-raises-tough-questions-in-letter-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rahul Gandhi: 'छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी में उठाए बड़े सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Rahul Gandhi: 'छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?' राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी में उठाए बड़े सवाल
Sun, 26 Jul 2026 11:48 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:48 AM IST
सार
Rahul Gandhi On Amit Shah: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और बल प्रयोग की मंजूरी किसने दी। आखिर इस कार्रवाई का आदेश किसने दिया? क्या सरकार इन सवालों का जवाब देगी और जिम्मेदारी तय होगी? आइए, विस्तार से जानते हैं कि राहुल गांधी ने पत्र में और क्या-क्या लिखा...
विज्ञापन
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह पत्र साझा करते हुए लिखा कि छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर तरीके से बल प्रयोग किया गया और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने 25 जुलाई 2026 की तारीख वाले अपने पत्र में लिखा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर अंधाधुंध बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान घातक हथियारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इससे सैकड़ों छात्र घायल हुए। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला छात्रों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की और उनके निजी अंगों को भी निशाना बनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राहुल गांधी ने 25 जुलाई 2026 की तारीख वाले अपने पत्र में लिखा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर अंधाधुंध बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान घातक हथियारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इससे सैकड़ों छात्र घायल हुए। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला छात्रों के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की और उनके निजी अंगों को भी निशाना बनाया गया।
विज्ञापन
छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? pic.twitter.com/NDwfka1UqO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
सादे कपड़ों में मौजूद लोगों को लेकर क्या सवाल उठाया?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में दूसरा बड़ा सवाल उन लोगों को लेकर उठाया, जो कथित तौर पर सादे कपड़ों में छात्रों की पिटाई करते दिखाई दिए। उन्होंने पूछा कि क्या ये लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इन लोगों की तैनाती किसके आदेश पर की गई। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल आखिरकार केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन आते हैं, इसलिए इस कार्रवाई की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
विज्ञापन
लोकतंत्र और छात्रों को लेकर क्या कहा?
- राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की होती है। लेकिन जिस तरह की हिंसा हुई, उसने लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया है और पूरे देश को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के युवा और छात्र, जो भारत का भविष्य हैं, जवाब और जवाबदेही मांग रहे हैं। उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता और उनकी बात सुनी जाएगी।
- राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि छात्रों की मांग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की थी। उनका कहना है कि इस मांग का जवाब संवाद से दिया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय बल प्रयोग किया गया। उन्होंने इस पूरी घटना की जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- यह पत्र राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए लिखा और बाद में अपने एक्स पोस्ट के जरिए सार्वजनिक किया। पत्र में उन्होंने सरकार से छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब देने और यह बताने की मांग की कि बल प्रयोग का फैसला किस स्तर पर लिया गया था।