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'आवाज उठाने से रोक नहीं सकते': राहुल ने BJP पर लगाए आरोप; प्रयागराज में क्यों नहीं मिली कार्यक्रम की मंजूरी?
Thu, 06 Aug 2026 04:09 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 06 Aug 2026 04:09 PM IST
सार
प्रयागराज में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति हाईकोर्ट के आदेश और जलभराव का हवाला देकर रद्द कर दी गई है। इसके बावजूद राहुल गांधी और कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। राहुल गांधी आठ अगस्त को हर हाल में प्रयागराज पहुंचकर छात्रों के साथ संवाद करेंगे।
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राहुल गांधी , नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। आठ अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में होने वाले इस कार्यक्रम की मंजूरी आखिरी समय में रद्द कर दी गई। इसके बाद राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें छात्रों के हक की आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता।
क्यों नहीं मिली कार्यक्रम की मंजूरी?
कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के पीछे कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश, लगातार बारिश से मैदान में जलभराव और जिला प्रशासन से अंतिम मंजूरी नहीं मिलने का हवाला दिया है। हालांकि कांग्रेस इसे महज प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव का नतीजा बता रही है।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी आठ अगस्त को प्रयागराज में छात्रों के साथ संवाद करने वाले थे। इस कार्यक्रम में पेपर लीक, फीस बढ़ोतरी, सीटों में कटौती और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन कार्यक्रम से पहले ही ट्रस्ट ने अनुमति वापस ले ली। कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश के अनुसार केपी ग्राउंड का इस्तेमाल सिर्फ खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा बारिश के कारण मैदान में पानी भर गया है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं। ट्रस्ट का यह भी कहना है कि जिला मजिस्ट्रेट की अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी।
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यह भी पढ़ें: Bombay HC: यौन उत्पीड़न केस में तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, पूर्व तहलका संपादक ने कहा- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र लंबे समय से फीस बढ़ोतरी और सीटों में कटौती जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज कर रही है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राहुल ने यह भी कहा कि सवाल पूछने वालों पर लाठीचार्ज होता है, विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज होती है और अब छात्रों से संवाद का कार्यक्रम भी रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने साफ किया कि कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बावजूद राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर हाल में छात्रों से मिलेंगे और उनकी बातें सुनेंगे।
अनुमति रद्द होने के बाद यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ ट्रस्ट इसे नियमों और सुरक्षा से जुड़ा फैसला बता रहा है, वहीं कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दे रही है। अब सभी की नजर 8 अगस्त पर है कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों से किस तरह संवाद करते हैं और प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।
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क्यों नहीं मिली कार्यक्रम की मंजूरी?
कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के पीछे कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश, लगातार बारिश से मैदान में जलभराव और जिला प्रशासन से अंतिम मंजूरी नहीं मिलने का हवाला दिया है। हालांकि कांग्रेस इसे महज प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव का नतीजा बता रही है।
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क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी आठ अगस्त को प्रयागराज में छात्रों के साथ संवाद करने वाले थे। इस कार्यक्रम में पेपर लीक, फीस बढ़ोतरी, सीटों में कटौती और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन कार्यक्रम से पहले ही ट्रस्ट ने अनुमति वापस ले ली। कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश के अनुसार केपी ग्राउंड का इस्तेमाल सिर्फ खेल और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा बारिश के कारण मैदान में पानी भर गया है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं। ट्रस्ट का यह भी कहना है कि जिला मजिस्ट्रेट की अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी।
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राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र लंबे समय से फीस बढ़ोतरी और सीटों में कटौती जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय उन पर मुकदमे दर्ज कर रही है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राहुल ने यह भी कहा कि सवाल पूछने वालों पर लाठीचार्ज होता है, विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज होती है और अब छात्रों से संवाद का कार्यक्रम भी रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने साफ किया कि कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने के बावजूद राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर हाल में छात्रों से मिलेंगे और उनकी बातें सुनेंगे।
अनुमति रद्द होने के बाद यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ ट्रस्ट इसे नियमों और सुरक्षा से जुड़ा फैसला बता रहा है, वहीं कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दे रही है। अब सभी की नजर 8 अगस्त पर है कि राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों से किस तरह संवाद करते हैं और प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।