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रेलवे का मेगा प्लान: नई लाइनें और हाई-स्पीड रूट को हरी झंडी; अब सीट पर मिलेगा ऑनलाइन खाना, रिफंड का नियम भी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:02 AM IST
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सार
रेल मंत्रालय ने रेल नेटवर्क मजबूत करने के लिए लाइन डबलिंग, अतिरिक्त ट्रैक, बायपास कॉरिडोर और 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग को मंजूरी दी है। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेज होगा। आईआरसीटीसी ने 25 ट्रेनों में ई-पैंट्री सेवा शुरू की है। इससे सीट पर ऑनलाइन खाना और रिफंड सुविधा भी मिलेगी।
रेल
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश में रेल यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे ने कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। नई लाइन डबलिंग, अतिरिक्त ट्रैक, बायपास कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल रूट और डिजिटल सुरक्षा सिस्टम पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए ई-पैंट्री सेवा भी शुरू की गई है, जिससे अब चुनिंदा ट्रेनों में सीट पर ऑनलाइन खाना मिलेगा।
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रेल मंत्रालय के फैसलों का मकसद बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना, माल और यात्री ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना और दुर्घटना जोखिम घटाना है। जिन रूटों पर क्षमता से ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं, वहां नई लाइनें बिछाने और आधुनिक सिस्टम लगाने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेज करने के निर्देश भी जारी हुए हैं।
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लाइन डबलिंग और नई लाइनों को मंजूरी
झारखंड के बारबेंदा-दमरुघुटू सेक्शन की लाइन डबलिंग और दमरुघुटू-बोकारो स्टील सिटी के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। यह रूट अभी 100 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता पर चल रहा है। यहां रोज दर्जनों यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। नई लाइनों से ट्रैफिक दबाव कम होगा और ट्रेनों की लेटलतीफी घटेगी। केरल और तमिलनाडु में भी डबलिंग परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
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स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बढ़ेगी सुरक्षा
उत्तरी रेलवे के 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इस पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिल्ली मंडल और अंबाला मंडल के कई स्टेशन इसमें शामिल हैं। यह सिस्टम सिग्नल और ट्रैक बदलने की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक और ज्यादा सुरक्षित बनाता है। इससे मानवीय गलती की संभावना घटती है और ट्रेन संचालन ज्यादा भरोसेमंद होता है।
बायपास कॉरिडोर से समय बचेगा
राजपुरा बायपास और पलक्कड़ टाउन-परली बायपास जैसी परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली है। बायपास लाइन बनने से ट्रेनों को भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कुछ रूटों पर 40 से 44 मिनट तक समय की बचत का अनुमान है। इससे समयपालन सुधरेगा और लंबी दूरी की ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ेगी।
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सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर जोर
केंद्रीय बजट में घोषित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बंगलूरू, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बंगलूरू, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट शामिल हैं। जिन परियोजनाओं की डीपीआर तैयार है, उनकी लागत अपडेट की जाएगी। हर कॉरिडोर के लिए अलग टीम और मानकीकृत सिस्टम पर काम होगा।
ई-पैंट्री सेवा से सीट पर मिलेगा खाना
आईआरसीटीसी ने 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ई-पैंट्री सेवा शुरू की है। यात्री वेबसाइट या मोबाइल एप से खाना और पैकेज्ड पानी पहले से ऑर्डर कर सकेंगे। खाना सीधे सीट तक पहुंचाया जाएगा। ऑर्डर के बाद वेरिफिकेशन कोड मिलेगा, जिसे दिखाकर डिलीवरी ली जा सकेगी। अगर खाना तय समय पर नहीं मिला तो रिफंड भी दिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने के बाद इसे कई लंबी दूरी की ट्रेनों में लागू किया गया है।
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