{"_id":"6a5ca496895093c314024807","slug":"rajya-sabha-mps-incurred-expenditure-of-rs-262-crore-in-last-2-years-rti-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajya Sabha: पिछले दो साल में राज्यसभा सांसदों पर 262 करोड़ रुपये से अधिक किया गया खर्च, RTI में हुआ खुलासा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Rajya Sabha: पिछले दो साल में राज्यसभा सांसदों पर 262 करोड़ रुपये से अधिक किया गया खर्च, RTI में हुआ खुलासा
Sun, 19 Jul 2026 03:49 PM IST
Pavan
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 19 Jul 2026 03:49 PM IST
सार
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के वेतन, भत्तों और सुविधाओं पर कुल 262 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। इनमें 151 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि भत्तों और यात्रा पर खर्च की गई। 2025-26 में कुल खर्च बढ़कर 163 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 65 करोड़ रुपये अधिक है।
विज्ञापन
संसद भवन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में सामने आया है कि पिछले दो वित्तीय वर्षों 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं पर कुल 262 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। इनमें से 151 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि केवल भत्तों और यात्रा संबंधी खर्च पर खर्च हुई।
यह भी पढ़ें- मानसून सत्र: चढ़ावा चोरी से वांगचुक के मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, अमित शाह पेश करेंगे कौन सा विधेयक?
RTI के तहत किसने मांगी जानकारी?
आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में राज्यसभा सचिवालय ने यह विवरण उपलब्ध कराया है। जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्यसभा सांसदों पर 98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं, 2025-26 में यह खर्च बढ़कर 163 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यानी एक साल में खर्च में करीब 65 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
विज्ञापन
2024-25 में कहां कितना खर्च हुआ?
2025-26 में खर्च और बढ़ा
यह भी पढ़ें- NEET: नीट विवाद में बड़ा खुलासा, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ मिली; एनटीए ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
राज्यसभा सांसदों को क्या मिलती हैं सुविधाएं?
आरटीआई के अनुसार, राज्यसभा सांसदों को कुल 21 मदों के तहत वेतन और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें वेतन, भत्ते, देश और विदेश की यात्रा, चिकित्सा सुविधा और कार्यालय खर्च प्रमुख हैं। इसके अलावा सांसदों के लिए प्रिंटिंग एवं प्रकाशन, डिजिटल उपकरण, ईंधन एवं लुब्रिकेंट, पेशेवर सेवाएं, मरम्मत एवं रखरखाव, सब्सिडी तथा अन्य राजस्व व्यय जैसी मदों पर भी खर्च किया जाता है। आरटीआई के आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2025-26 में राज्यसभा सांसदों पर होने वाला सरकारी खर्च पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है। सबसे अधिक वृद्धि वेतन, भत्तों और यात्रा मद में दर्ज की गई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- मानसून सत्र: चढ़ावा चोरी से वांगचुक के मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, अमित शाह पेश करेंगे कौन सा विधेयक?
विज्ञापन
RTI के तहत किसने मांगी जानकारी?
आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर द्वारा मांगी गई जानकारी के जवाब में राज्यसभा सचिवालय ने यह विवरण उपलब्ध कराया है। जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राज्यसभा सांसदों पर 98 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। वहीं, 2025-26 में यह खर्च बढ़कर 163 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यानी एक साल में खर्च में करीब 65 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
विज्ञापन
2024-25 में कहां कितना खर्च हुआ?
- वेतन पर 25.71 करोड़ रुपये से अधिक
- चिकित्सा बिल पर 8.20 करोड़ रुपये
- यात्रा खर्च पर 24.99 करोड़ रुपये
- सांसदों के भत्तों पर 33.33 करोड़ रुपये से अधिक
2025-26 में खर्च और बढ़ा
- वेतन पर 44.60 करोड़ रुपये से अधिक
- चिकित्सा बिल पर 9.60 करोड़ रुपये
- यात्रा खर्च पर 36 करोड़ रुपये
- भत्तों पर 58.78 करोड़ रुपये से अधिक
यह भी पढ़ें- NEET: नीट विवाद में बड़ा खुलासा, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ मिली; एनटीए ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
राज्यसभा सांसदों को क्या मिलती हैं सुविधाएं?
आरटीआई के अनुसार, राज्यसभा सांसदों को कुल 21 मदों के तहत वेतन और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। इनमें वेतन, भत्ते, देश और विदेश की यात्रा, चिकित्सा सुविधा और कार्यालय खर्च प्रमुख हैं। इसके अलावा सांसदों के लिए प्रिंटिंग एवं प्रकाशन, डिजिटल उपकरण, ईंधन एवं लुब्रिकेंट, पेशेवर सेवाएं, मरम्मत एवं रखरखाव, सब्सिडी तथा अन्य राजस्व व्यय जैसी मदों पर भी खर्च किया जाता है। आरटीआई के आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2025-26 में राज्यसभा सांसदों पर होने वाला सरकारी खर्च पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है। सबसे अधिक वृद्धि वेतन, भत्तों और यात्रा मद में दर्ज की गई।