Rathin Ghosh: ईडी दफ्तर में पेश हुए टीएमसी के विधायक, चार बार पहले टाल चुके हैं समन
प्रवर्तन निदेशालय के समन के बाद रथिन घोष नगरपालिका भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे। मामले में कई नेताओं के नाम सामने आने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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ईडी के समन से लगातार बचते रहे रथिन घोष को आखिरकार आज कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें कई बार नोटिस भेजे थे, लेकिन विधानसभा चुनावों में व्यस्तता का हवाला देकर उन्होंने चार समनों की अनदेखी की थी।
सुबह करीब 11 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे घोष ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि एजेंसी ने उन्हें किस मामले में तलब किया है। गौरतलब है कि घोष ममता बनर्जी सरकार में पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन घोष लगातार चौथी बार उत्तर 24 परगना जिले की मध्यमग्राम सीट से विधायक चुने गए।
इस मामले में ईडी पहले ही राज्य के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर चुकी है। 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद 11 मई की रात उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन धन शोधन निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने उन्हें 21 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया।
नगरपालिका भर्ती घोटाले का खुलासा उस समय हुआ था, जब ईडी पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘कैश-फॉर-स्कूल जॉब्स’ घोटाले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रवर्तक अयान शील के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ने भी समानांतर जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ने के साथ कई प्रभावशाली नेताओं और मंत्रियों के नाम सामने आए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।