ईज ऑफ लिविंग से विकसित भारत तक: 'विकास की गति तेज करने के लिए सुधार जरूरी', PM मोदी ने बताई सरकार की रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिपरिषद बैठक में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों को तेज करने पर चर्चा हुई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक को लेकर अहम जानकारी साझा की। विदेश दौरों से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार शाम ‘सेवा तीर्थ’ में मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल हुए। यह वर्ष 2026 की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी। इससे पहले ऐसी बैठक 4 जून 2025 को आयोजित की गई थी।
बैठक में किन-किन विषयों पर चर्चा की गई?
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि बैठक में 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बैठक में सुधारों को और आगे बढ़ाने व विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहतर तौर-तरीकों और नए विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
Had a fruitful meeting of the Council of Ministers yesterday. We exchanged perspectives and best practices relating to boosting ‘Ease of Living, ‘Ease of Doing Business’ and how to further reforms in order to realise our shared dream of a Viksit Bharat. pic.twitter.com/ifKpB8le17
— Narendra Modi (@narendramodi) May 22, 2026
पीएम ने किस पर जोर दिया?
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि मंत्रिपरिषद की बैठक बेहद सार्थक रही और इसमें शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, आम लोगों के जीवन को आसान करने व कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे सुधारों को गति देना है, जो देश को तेज विकास की दिशा में आगे ले जाएं।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। भारत सरकार लगातार ईंधन आपूर्ति, महंगाई और ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से संसाधनों के समझदारी से उपयोग की अपील भी की थी। उन्होंने लोगों से जहां संभव हो ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने, अधिक से अधिक ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने और ईंधन की बचत करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने कम से कम एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने और अनावश्यक विदेश यात्राओं से परहेज करने की भी सलाह दी थी।