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बंगाल: आरजी कर मामले पर सांसद काकोली घोष के बेटे का दावा, ममता बनर्जी समेत कई नेताओं को भेजेंगे लीगल नोटिस
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: Rahul Kumar
Updated Sun, 14 Jun 2026 05:54 PM IST
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टीएमसी सांसद काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ घोष
- फोटो : आईएएनएस
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले को लेकर टीएमसी सांसद काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ घोष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि आरजी कर मामले में आवाज उठाने पर उनकी मां और परिवार पर दबाव बनाया गया था। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई टीएमसी नेताओं को लीगल नोटिस भेजने की धमकी दी।
बैद्यनाथ घोष ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि जब आरजी कर अस्पताल में 'अभया' के साथ हुई घटना सामने आई थी, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट के बाद एसपी दास नाम के एक व्यक्ति ने उनकी मां को फोन कर धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनकी बात पर संदेह है तो उनकी मां का फोन सीबीआई को सौंप दिया जाए और कॉल रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
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आई-पैक का नाम भी आया सामने
बैद्यनाथ घोष ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर आई-पैक को दो ईमेल भेजे थे। उनके पास व्हाट्सऐप चैट, ईमेल और अन्य दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। चुनाव से पहले भी उन्होंने आई-पैक को इस विषय में ईमेल किया था, और जरूरत पड़ने पर वे सभी दस्तावेज अदालत को सौंपेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय तृणमूल कांग्रेस ने ऐसा डर का माहौल बना दिया था कि लोग खुलकर अपनी बात नहीं कह पा रहे थे। अब परिस्थितियां बदल गई हैं, इसलिए लोग सामने आकर बोल रहे हैं। बैद्यनाथ घोष ने कहा कि सभी जानते हैं कि आरजी कर मामले में अभया की हत्या हुई थी। उनके साथ मारपीट की गई, दुष्कर्म किया गया और बाद में उनके शव को जला दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतका के माता-पिता को अपनी बेटी का शव तक देखने की अनुमति नहीं दी गई थी।
बैद्यनाथ घोष ने यह भी दावा किया कि आरजी कर घटना के बाद उनकी मां, काकोली घोष, ने विरोध दर्ज कराते हुए एक एक्स पोस्ट किया था, लेकिन आई-पैक ने उस पोस्ट को हटा दिया। उन्होंने कहा कि इसका फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ सकती है। सांसदों के सोशल मीडिया अकाउंट्स तक आई-पैक की पहुंच होती है, और इसी कारण उनकी मां का पोस्ट हटाया गया था।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल के इस्तीफे और मेडिकल बोर्ड को बर्खास्त करने की मांग की थी, तब एसपी दास ने उनकी मां को फोन कर वह पोस्ट हटाने के लिए कहा था। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। बैद्यनाथ घोष ने कहा, "ममता बनर्जी ऐसी महिला हैं, जिनसे मैं किसी भी प्रकार की मदद नहीं चाहता।"
बैद्यनाथ घोष ने बताया कि उनकी लीगल टीम ने एक कानूनी ड्राफ्ट तैयार किया है, जिस पर वे हस्ताक्षर कर चुके हैं। यह कानूनी नोटिस पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद महुआ मोइत्रा, सांसद कल्याण बनर्जी, सांसद सौगत रॉय और सोनाली गुहा को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम सोमवार या मंगलवार तक यह नोटिस भेज देगी।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने हाल ही में यह बयान दिया था कि उनकी पार्टी का एक सांसद पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहा है और उस सांसद ने अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए टिकट मांगा था। बैद्यनाथ घोष का आरोप है कि ममता बनर्जी के फेसबुक पोस्ट से यह संकेत मिलता है कि वह और उनकी मां ही इस बयान का निशाना थे।
बैद्यनाथ घोष ने यह भी आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने कहा था कि उनकी मां पिछले तीन महीने से रो रही थीं, ताकि उन्हें विधायक का टिकट मिल सके। वहीं, वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कई मीडिया संस्थानों से कहा कि टिकट न मिलने के कारण ही बैद्यनाथ घोष बागी हो गए। सोनाली गुहा ने आरोप लगाया कि उनकी मां अत्यधिक शराब पीती हैं और अपने बच्चों को भी शराब पिलाती हैं। इसके अलावा, कल्याण बनर्जी पर भी उनके और उनके भाई के बारे में कई आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया।
इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए बैद्यनाथ घोष ने कहा, "ये 100 प्रतिशत झूठी बातें हैं। मेरी लीगल टीम ने इन सभी के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हम उनसे लिखित माफी की मांग करेंगे और यह भी कहेंगे कि भविष्य में इस तरह के बयान न दें। अगर 15 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो हम कलकत्ता हाईकोर्ट में इनके खिलाफ मामला दायर करेंगे।