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'मेरी पत्नी को बांग्लादेश मत भेजो': पति ने गुजरात सरकार से लगाई गुहार, कहा- अपना चुकी हिंदू धर्म; जान का खतरा
पीटीआई, आनंद।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:15 PM IST
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सार
गुजरात के आनंद में 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत हिरासत में ली गई बांग्लादेशी महिला काजल को बचाने के लिए उसका पति तरुण पटेल सरकार के सामने गिड़गिड़ा रहा है। पति का कहना है कि 10 साल पहले फेसबुक प्यार के खातिर भारत आई काजल अब पूरी तरह हिंदू बन चुकी है और दो बच्चों की मां है, इसलिए मानवीय आधार पर उसे डिपोर्ट न करके भारत की नागरिकता दी जाए।
बेबस पति की आँखों में आंसू ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
गुजरात के आनंद जिले से एक बेहद भावुक करने वाला मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले एक शख्स ने राज्य सरकार से अपनी बांग्लादेशी पत्नी को डिपोर्ट यानी देश निकाला न करने की गुहार लगाई है। पति का दावा है कि उसकी पत्नी हिंदू धर्म अपना चुकी है। अगर उसे वापस बांग्लादेश भेजा गया, तो वहां कट्टरपंथियों से उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
ऑपरेशन डेल्टा हंट के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला गुजरात पुलिस के 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के दौरान सामने आया है। पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ पूरे राज्य में एक बड़ा अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत करीब दो हफ्ते पहले इस महिला को बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। डीजीपी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अब तक पूरे गुजरात से 600 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं, जिनमें से करीब 60 अकेले आनंद जिले से हिरासत में लिए गए हैं।
फेसबुक का प्यार और भारत में अवैध एंट्री
आनंद के लांभ्वेल गांव के रहने वाले तरुण पटेल ने बताया कि साल 2012-13 में फेसबुक के जरिए उनकी मुलाकात बांग्लादेश की रहने वाली काजल से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। तरुण के मुताबिक, काजल ने कानूनी रूप से शादी करने के लिए बांग्लादेश में पासपोर्ट बनवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। इस बीच उसके परिवार वाले उस पर दूसरी शादी का दबाव बनाने लगे, जिसके बाद वह मजबूरन अवैध तरीके से भारत की सीमा में दाखिल हुई और आनंद पहुंच गई।
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यह भी पढ़ें: TMC में बड़ी टूट: ओम बिरला से मुलाकात के बाद काकोली घोष का एलान- त्रिपुरा की NCP में होगा बागी गुट का विलय
हिंदू रीति-रिवाज से शादी और दो बच्चे
तरुण ने बताया कि भारत आने के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। पिछले 10 साल से वे पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं और उनके दो बच्चे भी हैं, एक आठ साल का और दूसरा दो साल का। तरुण का दावा है कि काजल पूरी तरह हिंदू तौर-तरीके अपना चुकी है और नियमित रूप से मंदिर जाती है। आनंद लोकल क्राइम ब्रांच ने जब काजल के बिना दस्तावेजों के रहने की बात पकड़ी, तो उसे हिरासत में ले लिया और अब उसे वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल काजल को एक महिला शेल्टर होम में रखा गया है।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से मानवीय अपील
परेशान पति तरुण पटेल ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से मानवीय आधार पर मदद की अपील की है। तरुण ने कहा, 'वह हिंदू धर्म अपना चुकी है, उसका परिवार अब उसे स्वीकार नहीं करेगा। मुझे डर है कि वहां कट्टरपंथी तत्व उसकी जान ले लेंगे। अगर बच्चों को मां से अलग कर दिया गया, तो उनका क्या होगा? वह सिर्फ मुझसे शादी करने के लिए अवैध तरीके से भारत आई थी।' तरुण ने कहा कि वे नागरिकता की हर कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तैयार हैं, बस उनकी पत्नी को डिपोर्ट न किया जाए। इस बीच उनके आठ साल के बेटे ध्यान ने भी रोते हुए अपनी मां को छोड़ने की अपील की है। इस मामले पर अहमदाबाद रेंज के आईजीपी राघवेंद्र वत्स ने कहा कि वे आनंद एसपी से पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
ऑपरेशन डेल्टा हंट के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला गुजरात पुलिस के 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के दौरान सामने आया है। पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ पूरे राज्य में एक बड़ा अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत करीब दो हफ्ते पहले इस महिला को बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। डीजीपी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने अब तक पूरे गुजरात से 600 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं, जिनमें से करीब 60 अकेले आनंद जिले से हिरासत में लिए गए हैं।
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फेसबुक का प्यार और भारत में अवैध एंट्री
आनंद के लांभ्वेल गांव के रहने वाले तरुण पटेल ने बताया कि साल 2012-13 में फेसबुक के जरिए उनकी मुलाकात बांग्लादेश की रहने वाली काजल से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। तरुण के मुताबिक, काजल ने कानूनी रूप से शादी करने के लिए बांग्लादेश में पासपोर्ट बनवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। इस बीच उसके परिवार वाले उस पर दूसरी शादी का दबाव बनाने लगे, जिसके बाद वह मजबूरन अवैध तरीके से भारत की सीमा में दाखिल हुई और आनंद पहुंच गई।
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हिंदू रीति-रिवाज से शादी और दो बच्चे
तरुण ने बताया कि भारत आने के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। पिछले 10 साल से वे पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं और उनके दो बच्चे भी हैं, एक आठ साल का और दूसरा दो साल का। तरुण का दावा है कि काजल पूरी तरह हिंदू तौर-तरीके अपना चुकी है और नियमित रूप से मंदिर जाती है। आनंद लोकल क्राइम ब्रांच ने जब काजल के बिना दस्तावेजों के रहने की बात पकड़ी, तो उसे हिरासत में ले लिया और अब उसे वापस भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल काजल को एक महिला शेल्टर होम में रखा गया है।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से मानवीय अपील
परेशान पति तरुण पटेल ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से मानवीय आधार पर मदद की अपील की है। तरुण ने कहा, 'वह हिंदू धर्म अपना चुकी है, उसका परिवार अब उसे स्वीकार नहीं करेगा। मुझे डर है कि वहां कट्टरपंथी तत्व उसकी जान ले लेंगे। अगर बच्चों को मां से अलग कर दिया गया, तो उनका क्या होगा? वह सिर्फ मुझसे शादी करने के लिए अवैध तरीके से भारत आई थी।' तरुण ने कहा कि वे नागरिकता की हर कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तैयार हैं, बस उनकी पत्नी को डिपोर्ट न किया जाए। इस बीच उनके आठ साल के बेटे ध्यान ने भी रोते हुए अपनी मां को छोड़ने की अपील की है। इस मामले पर अहमदाबाद रेंज के आईजीपी राघवेंद्र वत्स ने कहा कि वे आनंद एसपी से पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।