सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS aims to organise society for national resurgence, says Mohan Bhagwat

RSS: मोहन भागवत बोले- संघ का मकसद समाज को संगठित कर देश का पुनर्जागरण करना; पीएम मोदी का भी दिया उदाहरण

पीटीआई, त्रिशूर Published by: Pavan Updated Sun, 14 Jun 2026 08:34 PM IST
विज्ञापन
सार

मोहन भागवत ने कहा, 'संघ का हिंदुत्व का विचार किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह 'वसुधैव कुटुंबकम्' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, की भावना पर आधारित है, जहां सभी विविधताएं मिल-जुलकर रह सकती हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ का सबसे बड़ा काम चरित्र निर्माण करना है'।

RSS aims to organise society for national resurgence, says Mohan Bhagwat
मोहन भागवत, आरएसएस प्रमुख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

केरल के त्रिशूर में आरएसएस के शताब्दी वर्ष जनसंपर्क कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित कर राष्ट्र के पुनर्जागरण का मार्ग प्रशस्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएसएस की स्थापना किसी समुदाय के विरोध, राजनीतिक सत्ता हासिल करने या लोकप्रियता पाने के लिए नहीं की गई थी, बल्कि देश के व्यापक हित और कल्याण के लिए की गई थी। भागवत ने कहा कि संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार का मानना था कि भारत बार-बार विदेशी शक्तियों के अधीन इसलिए हुआ क्योंकि समाज के भीतर विभाजन और कमजोरियां थीं। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, संगठित और अनुशासित समाज ही देश की समस्याओं का स्थायी समाधान दे सकता है। इसलिए समाज को एकजुट करना और विविधताओं के बावजूद लोगों को आपस में जोड़ना संघ का मूल उद्देश्य रहा है।


यह भी पढ़ें- TMC में बड़ी टूट: बागी सांसद काकोली घोष का एलान- त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी में होगा विलय
विज्ञापन
विज्ञापन


'संघ का हिंदुत्व का विचार किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं'
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहचान ही राष्ट्रीय एकता का आधार है। भागवत के अनुसार, सभी भारतीय एक साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं और यही राष्ट्रीय जीवन की नींव है। उन्होंने कहा कि संघ ऐसे लोगों को तैयार करना चाहता है जो ईमानदार, निस्वार्थ, अनुशासित और समाज के प्रति समर्पित हों। उन्होंने बताया कि देशभर में स्वयंसेवक 1.30 लाख से अधिक सेवा परियोजनाओं में काम कर रहे हैं और सामाजिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी है।
विज्ञापन


स्वयंसेवकों की उपलब्धियां उनकी अपनी होती हैं- मोहन भागवत
इस दौरान उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों की उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश नहीं करता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वयंसेवक अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता और जिम्मेदारियों के आधार पर काम करते हैं और उनकी उपलब्धियां उनकी अपनी होती हैं। उन्होंने दोहराया कि आरएसएस का लक्ष्य राजनीतिक शक्ति हासिल करना नहीं, बल्कि समाज को संगठित करना है। उनका कहना था कि जब समाज जागरूक और संगठित होगा तो देश की कई समस्याओं का समाधान स्वतः निकल आएगा। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य केवल सरकारों पर नहीं, बल्कि आम नागरिकों के चरित्र और भागीदारी पर निर्भर करता है।

ईसाई सदियों से भारत में रहते आए हैं- मोहन भागवत
ईसाइयों पर हमलों से जुड़े सवालों के जवाब में भागवत ने कहा कि ईसाई सदियों से भारत में रहते आए हैं और भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज स्वभाव से समावेशी है और आरएसएस न तो हिंसा करता है और न ही उसका समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि ईसाइयों को हिंदू समाज या संघ से किसी प्रकार का खतरा नहीं होना चाहिए। धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर धर्म बदलता है तो संघ को उससे कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, जब धर्म परिवर्तन में लालच, दबाव या दूसरे धर्म और परंपराओं को नीचा दिखाने जैसे तत्व शामिल होने की आशंका होती है, तब चिंता पैदा होती है।

यह भी पढ़ें- Maharashtra: महाराष्ट्र के सोलापुर में भीषण हादसा, पिकअप वैन कुएं में गिरी; दुर्घटना में आठ लोगों की मौत

जनता से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील
उन्होंने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी शिकायत का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। भागवत ने कहा कि हिंसा और टकराव से बचना जरूरी है तथा सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और यहूदी समुदाय लंबे समय से साथ रहते आए हैं, इसलिए समुदायों के बीच भय का माहौल नहीं होना चाहिए। उन्होंने मतभेदों को दूर करने के लिए लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि बातचीत ही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा रास्ता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed