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संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक: कर्नाटक के बेलगावी में शुरू, जनगणना समेत किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
Sat, 11 Jul 2026 04:41 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेलगावी
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 11 Jul 2026 04:41 AM IST
सार
संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो गई है। इसमें देशभर के क्षेत्रीय और प्रांतीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारी तथा संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। बैठक के दौरान शाखाओं के विस्तार, प्रशिक्षण शिविरों की समीक्षा, शताब्दी वर्ष के शेष कार्यक्रमों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर मंथन होगा।
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कर्नाटक के बेलगावी में जुटे संघ के वरिष्ठ प्रचारक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारकों की वार्षिक तीन दिवसीय बैठक शुक्रवार को कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हुई। बैठक में देशभर में चल रही जनगणना सहित कई समकालीन और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की जाएगी। आरएसएस की 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में शुरू हुई। यह बैठक 12 जुलाई तक चलेगी।
बैठक में संघ की शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही संगठन के विस्तार के लिए शाखाओं की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी विचार-विमर्श होगा। आरएसएस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, कार्यकारी परिषद के सदस्य, प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और सह क्षेत्र प्रचारक शामिल हो रहे हैं।
आरएसएस की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
संघ की संगठनात्मक संरचना के अनुसार देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के कार्यकर्ता बैठक में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इसमें मौजूद रहेंगे।
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आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने हाल ही में जारी एक बयान में कहा था कि मार्च में हरियाणा के समालखा में हुई आरएसएस प्रतिनिधि सभा के बाद अप्रैल, मई और जून के दौरान देशभर में संघ के विभिन्न स्तरों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इस बैठक में शाखा स्तर पर वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक का क्या होगा एजेंडा?
बयान के अनुसार, संघ शताब्दी वर्ष के दौरान शाखा विस्तार के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा होगी। साथ ही भविष्य में अधिकतम शाखा विस्तार की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में वर्ष 2026 के प्रशिक्षण शिविरों की रिपोर्ट और समीक्षा, शताब्दी वर्ष के दौरान पूरे किए गए कार्यक्रमों का आकलन, शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा और 2026-27 के लिए सरसंघचालक के प्रवास कार्यक्रम पर भी विचार किया जाएगा।
संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के तहत निर्धारित शेष कार्यक्रम विजयादशमी यानी 20 अक्तूबर 2026 तक जारी रहेंगे। बैठक में शामिल प्रचारक वर्तमान परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा जनगणना जैसे महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
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बैठक में संघ की शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही संगठन के विस्तार के लिए शाखाओं की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी विचार-विमर्श होगा। आरएसएस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, कार्यकारी परिषद के सदस्य, प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और सह क्षेत्र प्रचारक शामिल हो रहे हैं।
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आरएसएस की बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?
संघ की संगठनात्मक संरचना के अनुसार देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के कार्यकर्ता बैठक में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इसमें मौजूद रहेंगे।
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आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने हाल ही में जारी एक बयान में कहा था कि मार्च में हरियाणा के समालखा में हुई आरएसएस प्रतिनिधि सभा के बाद अप्रैल, मई और जून के दौरान देशभर में संघ के विभिन्न स्तरों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इस बैठक में शाखा स्तर पर वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक का क्या होगा एजेंडा?
बयान के अनुसार, संघ शताब्दी वर्ष के दौरान शाखा विस्तार के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा होगी। साथ ही भविष्य में अधिकतम शाखा विस्तार की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में वर्ष 2026 के प्रशिक्षण शिविरों की रिपोर्ट और समीक्षा, शताब्दी वर्ष के दौरान पूरे किए गए कार्यक्रमों का आकलन, शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा और 2026-27 के लिए सरसंघचालक के प्रवास कार्यक्रम पर भी विचार किया जाएगा।
संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के तहत निर्धारित शेष कार्यक्रम विजयादशमी यानी 20 अक्तूबर 2026 तक जारी रहेंगे। बैठक में शामिल प्रचारक वर्तमान परिस्थितियों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा जनगणना जैसे महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।