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Bengal: शताब्दी रॉय ने ममता पर साधा निशाना, कहा- 20 सांसदों का साथ जाना पार्टी नेतृत्व की विफलता; उठाए कई सवाल
एएनआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 10 Jun 2026 04:10 PM IST
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सार
तृणमूल कांग्रेस नेता शताब्दी रॉय ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 20 सांसदों का पार्टी छोड़ना बड़ी समस्या दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के काम की तारीफ की।
शताब्दी रॉय, टीएमसी नेता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस की नेता शताब्दी रॉय ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ दो सांसद पार्टी छोड़ते, तो इसे व्यक्तिगत समस्या माना जा सकता था। लेकिन जब बीस सांसद पार्टी छोड़कर चले गए, तो यह साफ है कि पार्टी के अंदर बड़ी समस्याएं थीं। पार्टी ने इन दिक्कतों को कभी नहीं पहचाना और न ही उन्हें सुलझाने की कोशिश की। यह सब उसी का नतीजा है।
क्या बोलीं तृणमूल कांग्रेस की नेता शताब्दी रॉय
शताब्दी रॉय ने कहा, यह कहना गलत है कि गलती हमारी है। अगर ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी ने हमारी बात सुनी होती, तो हालात अलग होते। उन्होंने बताया कि जब भी उन्होंने किसी प्रोजेक्ट या काम को लेकर बात करनी चाही, तो उन्हें 'अभी नहीं, अभी नहीं' कहकर टाल दिया गया। इसी वजह से बहुत से काम नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी ममता बनर्जी से आखिरी बार बात उस दिन हुई थी, जब वह एसएससी (SSC) मामले में दिल्ली गई थीं। उसके बाद से उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व पर उठाए सवाल
शताब्दी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने कड़े संघर्ष से यह पार्टी बनाई और उन्हें जनता का समर्थन मिला। लेकिन वह अपने आसपास हो रही चीजों को समझने में नाकाम रहीं। उन्हें एक तरह का 'मेंटल ब्लॉक' हो गया था। ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी को समझाना चाहिए था कि वह अपनी जीवनशैली बदलें। ममता जनता को अच्छी तरह जानती हैं, फिर भी वह यह नहीं समझ पाईं कि लोग अभिषेक को किस तरह देख रहे हैं। यह उनकी बड़ी गलती थी।
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शताब्दी रॉय के अनुसार, ममता बनर्जी को अभिषेक को इतनी ज्यादा ताकत नहीं देनी चाहिए थी। उन्हें खुद नियंत्रण रखना चाहिए था। अगर दोनों मिलकर पार्टी चलाते, तो काम बेहतर होता। अभिषेक को बहुत ज्यादा अधिकार देने और आई-पैक (I-PAC) को बहुत ज्यादा ताकत देने से चीजें खराब हो गईं। उन्होंने कहा कि अगर दीदी ने उन्हें खुद फोन किया होता, तो शायद वह उनके साथ रहतीं क्योंकि उनका दीदी से भावनात्मक लगाव है।
ये भी पढ़ें: एअर इंडिया विमान हादसे की बरसी: त्रासदी से टीमवर्क तक, गुजरात की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने पेश की थी मिसाल
सीएम शुभेंदु अधिकारी पर क्या बोलीं टीएमसी नेता
राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अच्छी शुरुआत की है। चुनाव से पहले उन्होंने जो वादे किए थे, जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और अन्नपूर्णा योजना, उन्हें वह लागू कर रहे हैं। लोगों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। अगर वह इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, तो उनका अंजाम भी तृणमूल जैसा ही होगा। हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए कि इतने सारे लोगों ने हमारे खिलाफ वोट क्यों दिया।
क्या बोलीं तृणमूल कांग्रेस की नेता शताब्दी रॉय
शताब्दी रॉय ने कहा, यह कहना गलत है कि गलती हमारी है। अगर ममता बनर्जी या अभिषेक बनर्जी ने हमारी बात सुनी होती, तो हालात अलग होते। उन्होंने बताया कि जब भी उन्होंने किसी प्रोजेक्ट या काम को लेकर बात करनी चाही, तो उन्हें 'अभी नहीं, अभी नहीं' कहकर टाल दिया गया। इसी वजह से बहुत से काम नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी ममता बनर्जी से आखिरी बार बात उस दिन हुई थी, जब वह एसएससी (SSC) मामले में दिल्ली गई थीं। उसके बाद से उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
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ममता बनर्जी के नेतृत्व पर उठाए सवाल
शताब्दी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने कड़े संघर्ष से यह पार्टी बनाई और उन्हें जनता का समर्थन मिला। लेकिन वह अपने आसपास हो रही चीजों को समझने में नाकाम रहीं। उन्हें एक तरह का 'मेंटल ब्लॉक' हो गया था। ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी को समझाना चाहिए था कि वह अपनी जीवनशैली बदलें। ममता जनता को अच्छी तरह जानती हैं, फिर भी वह यह नहीं समझ पाईं कि लोग अभिषेक को किस तरह देख रहे हैं। यह उनकी बड़ी गलती थी।
शताब्दी रॉय के अनुसार, ममता बनर्जी को अभिषेक को इतनी ज्यादा ताकत नहीं देनी चाहिए थी। उन्हें खुद नियंत्रण रखना चाहिए था। अगर दोनों मिलकर पार्टी चलाते, तो काम बेहतर होता। अभिषेक को बहुत ज्यादा अधिकार देने और आई-पैक (I-PAC) को बहुत ज्यादा ताकत देने से चीजें खराब हो गईं। उन्होंने कहा कि अगर दीदी ने उन्हें खुद फोन किया होता, तो शायद वह उनके साथ रहतीं क्योंकि उनका दीदी से भावनात्मक लगाव है।
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सीएम शुभेंदु अधिकारी पर क्या बोलीं टीएमसी नेता
राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने अच्छी शुरुआत की है। चुनाव से पहले उन्होंने जो वादे किए थे, जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और अन्नपूर्णा योजना, उन्हें वह लागू कर रहे हैं। लोगों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। अगर वह इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, तो उनका अंजाम भी तृणमूल जैसा ही होगा। हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए कि इतने सारे लोगों ने हमारे खिलाफ वोट क्यों दिया।