सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Shiv Sena: Sanjay Raut raging on the Election Commission, said – trying to end Shiv Sena

Shiv Sena: चुनाव आयोग पर भड़के संजय राउत, बोले- बदले की भावना से शिवसेना को खत्म करने की कोशिश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 18 Feb 2023 12:17 PM IST
विज्ञापन
सार

राउत ने आगे कहा, आयोग का यह फैसला 'राजनीतिक हिंसा' का काम है। इसका उद्देश्य डर, बदले की भावना से शिवसेना को खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव प्रहरी से राजनीतिक दल की परिभाषा पूछने की जरूरत है।
 

Shiv Sena: Sanjay Raut raging on the Election Commission, said – trying to end Shiv Sena
संजय राउत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को 'असली' शिवसेना बताए जाने पर उद्धव गुट के सांसद संजय राउत भड़के नजर आए। राउत ने चुनाव आयोग के फैसले को गलत बताते हुए जमकर निशाना साधा। राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना के तौर पर मान्यता देने का निर्वाचन आयोग का फैसला 'लोकतंत्र की हत्या' है। इसके खिलाफ उनकी पार्टी लोगों के पास जाएगी। 
Trending Videos


राउत ने आगे कहा, आयोग का यह फैसला 'राजनीतिक हिंसा' का काम है। इसका उद्देश्य डर, बदले की भावना से शिवसेना को खत्म करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राजनीतिक दलों को चुनाव प्रहरी से राजनीतिक दल की परिभाषा पूछने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राउत ने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'चुनाव आयोग का आदेश शिवसेना को खत्म करने के लिए एक तरह की राजनीतिक हिंसा है। यह डर और बदले की भावना से किया गया है।' उन्होंने शिवसेना का जिक्र करते हुए कहा कि एक पार्टी है जो 50 साल से अधिक पुरानी है और जिसके कुछ विधायक और सांसद दबाव में दलबदल कर गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को कानून, संविधान और लोगों की इच्छा का उल्लंघन बताया। राउत ने कहा, 'पार्टी और लोग उद्धव ठाकरे के साथ हैं और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।'

शिवसेना का नाम-चुनाव चिह्न खोने के बाद उद्धव ठाकरे ने बुलाई बैठक
चुनाव आयोग  द्वारा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को असली शिवसेना मानने के एक दिन बाद उद्धव ठाकरे ने अपने धड़े के नेताओं की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य के कदम पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में पार्टी नेता और प्रवक्ताओं समेत बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। यह बैठक ठाकरे के निवास मातोश्री में होगी। चुनाव आयोग के फैसले को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

शिंदे गुट को आयोग ने दे दिया है शिवसेना
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को शिंदे गुट को शिवसेना नाम दिए जाने का आदेश दिए। आयोग ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी द्वारा चुनाव चिह्न तीर और कमान बरकरार रखा जाएगा। गौरतलब है कि शिवसेना के दोनों धड़े (एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे) पिछले साल शिंदे (महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री) द्वारा ठाकरे के खिलाफ विद्रोह करने के बाद से पार्टी के तीर-कमान के चुनाव चिह्न के लिए लड़ रहे हैं।

आयोग (ईसीआई) ने कहा कि शिवसेना का मौजूदा संविधान अलोकतांत्रिक है। बिना किसी चुनाव के पदाधिकारियों के रूप में एक मंडली के लोगों को अलोकतांत्रिक रूप से नियुक्त किया गया है। इस तरह की पार्टी संरचनाएं भरोसा पैदा करने में विफल रहती हैं।

चुनाव आयोग ने पाया कि 2018 में संशोधित शिवसेना का संविधान भारत के चुनाव आयोग को नहीं दिया गया। 1999 के पार्टी संविधान में लोकतांत्रिक मानदंडों को पेश करने के अधिनियम को संशोधनों ने रद्द कर दिया था, जिसे आयोग के आग्रह पर दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा लाया गया था। आयोग ने यह भी कहा कि शिवसेना के मूल संविधान के अलोकतांत्रिक मानदंड, जिन्हें 1999 में आयोग द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था, को गोपनीय तरीके से वापस लाया गया, जिससे पार्टी एक जागीर के समान हो गई।

आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक लोकाचार और पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करने और नियमित रूप से अपनी संबंधित वेबसाइटों पर अपनी पार्टी के आंतरिक कामकाज के पहलुओं का खुलासा करने की भी सलाह दी, जैसे कि संगठनात्मक विवरण, चुनाव आयोजित करना, संविधान की प्रति और पदाधिकारियों की सूची।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed