सिया-चेतन ने खून से क्यों रंगे हाथ?: केतन का ध्यान रखती थी, शादी के लिए खुद हामी भी भरी, मां ने और क्या बताया?
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल की मां ने परिवार का पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि सिया ने अपनी मर्जी से शादी कर रही थी। इसके साथ ही उसने कभी भी रिश्ते से असंतुष्ट नहीं दिखी। परिवार के अनुसार दोनों के संबंध सामान्य थे।
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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। लोहगढ़ किले से गिरकर हुई 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत हो गई। अब यह एक सुनियोजित हत्या के रूप में जांच के दायरे में है। आरोपी सिया गोयल की मां ने परिवार का पक्ष रखा है। उनका दावा है कि सिया ने अपनी मर्जी से शादी के लिए तैयार थी।
मां ने बेटी से रिश्ते को लेकर क्या पूछा?
सिया की मां ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि शादी से पहले उन्होंने कई बार अपनी बेटी से पूछा था कि क्या वह इस रिश्ते से खुश है? हर बार सिया ने कहा कि उसे केतन पसंद है और वह शादी करना चाहती है। परिवार का कहना है कि उन्हें कभी ऐसा संकेत नहीं मिला जिससे लगे कि सिया इस शादी से खुश नहीं है।
केतन का ध्यान रखती थी सिया
सिया की मां का कहना है कि दोनों वीडियो कॉल पर बात करते थे, मुलाकातें होती थीं और दोनों परिवारों के बीच भी लगातार संपर्क बना हुआ था। मां ने बताया कि केतन एक बार उनके घर डिनर पर भी आया था। परिवार को हमेशा यही लगा कि दोनों के बीच सब कुछ सामान्य है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी केतन की मां ने सिया की तारीफ करते हुए कहा था कि वह उनके बेटे का बहुत ध्यान रखती है।
इसके साथ ही परिवार ने लोहगढ़ किले की यात्रा को लेकर भी अपनी बात रखी। सिया की मां के अनुसार, उन्हें पता था कि दोनों ट्रैकिंग के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिया लोहगढ़ नहीं जाना चाहती थी और वीडियो कॉल के दौरान इस बारे में चर्चा भी हुई थी।
अब जांच कहां तक पहुंची है?
सिया गोयल और चेतन चौधरी फिलहाल 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य सबूतों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आखिर सच कौन बोल रहा है। दोनों के बयान लगातार बदल रहे हैं और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। ऐसे में पुलिस डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट पर ज्यादा भरोसा कर रही है।