केतन के पिता-CM की मुलाकात: शादी से पहले मंगेतर सिया ने बेटे को मार डाला, पुणे हत्याकांड पर सरकार का रुख क्या?
Ketan Agarwal Father Meet CM Fadnavis: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की फास्ट ट्रैक जांच और एसआईटी गठन की मांग की। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने जांच में तेजी का भरोसा दिया है। परिवार का कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जो समाज के लिए मिसाल बने। आइए, विस्तार से जानते हैं कि केतन के पिता ने और क्या कुछ कहा...
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विस्तार
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है। आरोपी केतन की मंगेतर सिया और उसका दोस्त फिलहाल पुलिस की हिरासत में है। इसी बीच मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। हालांकि मुख्यमंत्री ने मामले की तेजी से जांच कराने और विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन का भरोसा दिया है।
क्या बोले केतन के पिता?
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि उनके बेटे की हत्या की साजिश बहुत ही बेरहमी से रची गई थी, इसलिए आरोपियों को कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की जांच फास्ट ट्रैक तरीके से होगी और इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि केतन के सिर पर बालों का छोटा-सा विग पैच लगाने की बात सिया के परिवार को पहले से पता थी। ऐसे में यह किसी की हत्या का कारण नहीं हो सकता।
कैसे रची गई हत्या की पूरी साजिश?
पुलिस जांच के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल को लोनावला के लोहागढ़ किले पर ले जाया गया था। आरोप है कि सिया गोयल ने पहले से तय योजना के तहत एक इशारा किया, जिसके बाद चेतन चौधरी ने केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। पुलिस का कहना है कि केतन को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनके साथ क्या होने वाला है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले भी दो बार केतन को उसी जगह ले जाकर मारने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन तब सफल नहीं हो पाए थे।
क्या सिया ही थी पूरी साजिश की मास्टरमाइंड?
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अब तक जुटाए गए सबूतों से यह संकेत मिलता है कि पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार सिया गोयल हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन की मुलाकात पिछले साल दिवाली पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लगातार संपर्क में रहे। जांच एजेंसियों को शक है कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी।
भागने की बजाय हत्या क्यों चुनी?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सिया और चेतन एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन उन्हें डर था कि अगर वे भागकर शादी करते हैं तो उनके परिवार की बदनामी होगी। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश बनाई। पूछताछ के दौरान दोनों ने पहले एक-दूसरे पर आरोप लगाने की कोशिश की, लेकिन बाद में सिया ने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस का दावा है कि चेतन भी पूरी योजना में शामिल था।
केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में राजस्थान के उदयपुर के एक महल में होने वाली थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे थे। सिया के पिता ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी पाई जाती है तो उसे भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केतन उनके लिए बेटे जैसा था और इस घटना ने दोनों परिवारों को तोड़कर रख दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सिया और किसी दूसरे युवक के रिश्ते की कोई जानकारी नहीं थी।
सिया के माता-पिता ने क्या कहा?
मामले में सिया गोयल के माता-पिता ने भी पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सिया की मां पूजा गोयल ने कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी पाई जाती है, तो उसे भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। सिया के पिता प्रवीण गोयल ने भी कहा कि केतन उनके बेटे जैसा था और बेटे को खोने का दर्द सबसे बड़ा होता है। उन्होंने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब जांच कहां तक पहुंची है?
सिया गोयल और चेतन चौधरी फिलहाल 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य सबूतों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आखिर सच कौन बोल रहा है। दोनों के बयान लगातार बदल रहे हैं और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। ऐसे में पुलिस डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट पर ज्यादा भरोसा कर रही है।