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Maharashtra: सर रतन टाटा ट्रस्ट में लाइफ ट्रस्टियों की संख्या पर कानूनी विवाद, नियमों के उल्लंघन का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 30 Apr 2026 03:39 AM IST
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सार

सर रतन टाटा ट्रस्ट की संरचना पर सवाल उठे हैं। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज कृष्ण मुरारी की राय में ट्रस्ट महाराष्ट्र कानून का पालन नहीं कर रहा। उन्होंने लाइफ ट्रस्टी की संख्या तीन से घटाकर एक करने की सलाह दी है।

Sir Ratan Tata Trust legal opinion lifetime trustees maharashtra law violation charity commissioner
टाटा ट्रस्ट ( प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : @सोशल मीडिया
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विस्तार

सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) को लेकर एक अहम कानूनी राय सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि ट्रस्ट महाराष्ट्र के बदले हुए कानून का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा है। इस राय में ट्रस्ट को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कृष्ण मुरारी ने अपनी कानूनी राय के अनुसार, ट्रस्ट में लाइफ ट्रस्टी (आजीवन ट्रस्टी) की संख्या मौजूदा तीन से घटाकर एक कर दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के बोर्ड की वर्तमान संरचना महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, 1950 के सेक्शन 30A(2) के नियमों के अनुरूप नहीं है।
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इस समय सर रतन टाटा ट्रस्ट में कुल छह ट्रस्टी हैं, जिनमें से तीन लाइफ ट्रस्टी हैं। इनमें जिमी एन टाटा, नोएल टाटा और जहांगीर HC शामिल हैं। जिमी टाटा सबसे पुराने लाइफ ट्रस्टी हैं, जिन्हें वर्ष 1989 में नियुक्त किया गया था।

ये भी पढ़ें: बंगाल: चुनावी हिंसा रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, हाई-लेवल कमेटी गठन की मांग; 2021 हिंसा का हवाला

यह मामला तब और महत्वपूर्ण हो गया जब एक वकील ने महाराष्ट्र चैरिटीज कमिश्नर के पास याचिका दायर कर ट्रस्ट पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। याचिका में खास तौर पर लाइफ ट्रस्टी की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

जस्टिस मुरारी ने अपनी राय में यह भी कहा कि ट्रस्ट में लाइफ ट्रस्टीशिप की व्यवस्था मूल दस्तावेज से नहीं आई है, बल्कि यह बाद में आंतरिक प्रक्रियाओं या प्रशासनिक फैसलों के जरिए विकसित हुई है।

उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा दो लाइफ ट्रस्टी पद छोड़ने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस पूरी स्थिति को देखते हुए ट्रस्ट के लिए कानून के अनुसार अपनी संरचना में बदलाव करना जरूरी माना जा रहा है।

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