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SIR पर सियासत: डीके शिवकुमार ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल; कहा- SC, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के वोट काटने की कोशिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Pavan
Updated Fri, 15 May 2026 02:57 PM IST
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सार
Politics On SIR: चुनाव आयोग की तरफ से बीते दिन 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण कराने की घोषणा की है। अब इसे लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एसआईआर को वोट काटने की कोशिश बताया है।
डीके शिवकुमार, डिप्टी सीएम, कर्नाटक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से शुरू की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का मकसद अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के वोट काटना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन वर्गों के वोट और अधिकारों की रक्षा करेगी। बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस को इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी है और पार्टी अपने सभी नेताओं को इसके बारे में जागरूक कर रही है।
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'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वोट सुरक्षित रहें'
उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा और जेडी(एस) को भी अपने वोटरों की सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'एसआईआर का उद्देश्य एससी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के वोट कम करना है। लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वोट सुरक्षित रहें। भारत में जन्म लेने वाले हर नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए।'
'कर्नाटक में लगभग 88-90% मतदाताओं की मैपिंग'
डीके शिवकुमार ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 88 से 90 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, लेकिन फिर भी लोगों को जागरूक करने का काम जारी रहेगा ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे।
7 अक्तूबर को जारी होगी कर्नाटक की अंतिम वोटर लिस्ट
बता दें कि पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे विपक्ष शासित राज्यों में भी एसआईआर प्रक्रिया लागू की जा रही है। कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को जारी होगी। इससे पहले राज्य के कुछ नेताओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात कर एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया 'अलोकतांत्रिक और अवैज्ञानिक' है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के वोटर लिस्ट से बाहर होने का खतरा है।
यह भी पढ़ें- West Asia: 'ईरान-अमेरिका के बीच भारत निभा सकता है मध्यस्थ की भूमिका', रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कही ये बात
16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश में SIR का एलान
चुनाव आयोग ने गुरुवार को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में तीसरे चरण की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी। इस अभियान के तहत करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं के नामों की जांच और सत्यापन किया जाएगा। कर्नाटक भी इस प्रक्रिया में शामिल है।
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'हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वोट सुरक्षित रहें'
उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि भाजपा और जेडी(एस) को भी अपने वोटरों की सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'एसआईआर का उद्देश्य एससी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के वोट कम करना है। लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वोट सुरक्षित रहें। भारत में जन्म लेने वाले हर नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए।'
'कर्नाटक में लगभग 88-90% मतदाताओं की मैपिंग'
डीके शिवकुमार ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 88 से 90 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, लेकिन फिर भी लोगों को जागरूक करने का काम जारी रहेगा ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे।
7 अक्तूबर को जारी होगी कर्नाटक की अंतिम वोटर लिस्ट
बता दें कि पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे विपक्ष शासित राज्यों में भी एसआईआर प्रक्रिया लागू की जा रही है। कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को जारी होगी। इससे पहले राज्य के कुछ नेताओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात कर एसआईआर प्रक्रिया पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया 'अलोकतांत्रिक और अवैज्ञानिक' है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के वोटर लिस्ट से बाहर होने का खतरा है।
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16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेश में SIR का एलान
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