Neiphiu Rio: मणिपुर में छह नागा लोगों का अपहरण, नागालैंड के मुख्यमंत्री का गृह मंत्री से हस्तक्षेप की अपील
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने मणिपुर में छह नागा समुदाय के लोगों के अपहरण पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपहृतों की सुरक्षित रिहाई, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की।
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नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने मणिपुर में नागा समुदाय के छह लोगों के कथित अपहरण के मामले में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा अपहृत व्यक्तियों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की अपील की है।
30 मई को यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के अध्यक्ष एन.जी. लोहरी को लिखे पत्र में रियो ने बताया कि उन्होंने 29 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर इस घटना को लेकर नागा समुदाय की गहरी चिंता और दर्द से अवगत कराया था।
गृह मंत्री से मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया तथा अपहृत व्यक्तियों का शीघ्र पता लगाने, दोषियों की पहचान करने और सभी छह लोगों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया।
रियो के अनुसार, अमित शाह ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को पीड़ितों का पता लगाने, दोषियों का पहचना करने और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के अध्यक्ष को सीएम ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक से भी बातचीत की है। दोनों अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि मामले पर सक्रिय रूप से कार्रवाई की जा रही है।
सीएम की लोगों से शांति बनाए रखने के अपील
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और अपहृत व्यक्तियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने यूएनसी से यह भी आग्रह किया कि वह उन नागा स्वयंसेवकों को समझाने का प्रयास करे, जिनके कब्जे में कथित तौर पर 14 कुकी समुदाय के लोग हैं, ताकि वे सुरक्षित रहें और उन्हें छोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने करुणा, संवाद और मेल-मिलाप की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी पक्षों को ईसाई मूल्यों तथा नागा समुदाय की उस परंपरा का पालन करना चाहिए, जो निर्दोष लोगों की रक्षा और मानवीय गरिमा के संरक्षण पर आधारित है।
उन्होंने चर्च नेताओं और विभिन्न धार्मिक संगठनों के समूह ‘क्रिश्चियन फोरम’ द्वारा जारी अपील का भी स्वागत किया, जिसमें हिंसा और प्रतिशोध को अस्वीकार करने तथा किसी भी समूह द्वारा हिरासत में रखे गए सभी निर्दोष लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की गई है।