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Indian Railways: रेलवे के छह अधिकारियों पर गिरी गाज, प्रशासन ने कहा- सेवा मानकों से समझौता मंजूर नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Fri, 20 Mar 2026 10:05 AM IST
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सार

भारतीय रेलवे ने छह अधिकारियों को जबरन रिटायर कर साफ संकेत दिया है कि गैर-प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही AI और स्मार्ट तकनीकों के जरिए सुरक्षा व संचालन दक्षता को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है।

Six railway officials face action, administration says no compromise on service standards
भारतीय रेलवे। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार

भारतीय रेलवे ने जवाबदेही और कार्यकुशलता को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए छह अधिकारियों को सेवा से अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता (IREC), वॉल्यूम-2 के नियम 1802(a) के तहत की गई है, जो प्रशासन को सार्वजनिक हित में अधिकारियों को समयपूर्व सेवानिवृत्त करने का अधिकार देता है।

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सेवानिवृत्त किए गए अधिकारियों में CME/Project/HQ (उत्तरी रेलवे), NF-HAG/IRSME (दक्षिण पश्चिम रेलवे), SAG/ISRE (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे), SAG/IRSSE (पूर्वी रेलवे), ग्रेड-1 (अंडर सेक्रेटरी/डिप्टी डायरेक्टर, RBSS) और PPS (RBSSS) स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

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इस फैसले से प्रशासन का संदेश क्या है?

रेलवे के इस फैसले को संगठन में जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित संस्कृति को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है। संकेत साफ है कि गैर-प्रदर्शन और अक्षमता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस कार्रवाई से सख्त संदेश गया है कि सेवा मानकों से समझौता अब स्वीकार्य नहीं होगा।

तकनीक से भी सुदृढ़ हो रही रेलवे सुरक्षा

इसी के साथ भारतीय रेलवे सुरक्षा और संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए एआई और मशीन लर्निंग (ML) आधारित तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) द्वारा विकसित 'TRI-नेत्र' सिस्टम लोको पायलटों को कोहरे और खराब मौसम में बेहतर दृश्यता प्रदान करता है। इसके अलावा 24 व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर (WILD) और 25 ऑनलाइन मॉनिटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (OMRS) सिस्टम लगाए गए हैं, जो पहियों और बेयरिंग की रियल-टाइम निगरानी करते हैं।


मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम (MVIS) और इंटीग्रेटेड ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम (ITMS) का भी पायलट आधार पर इस्तेमाल किया जा रहा है। MVIS AI/ML आधारित तकनीक है, जो चलती ट्रेनों में ढीले या टूटे हिस्सों की पहचान कर अलर्ट देती है। फिलहाल MVIS के तीन सिस्टम नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे, दो DFCCIL और एक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में लगाए गए हैं। वहीं ITMS के जरिए ट्रैक की एआई आधारित निगरानी की जा रही है।

रेलवे ने DFCCIL के साथ एमओयू कर MVIS सिस्टम के विस्तार की योजना भी बनाई है, जबकि RDSO उद्योग के साथ मिलकर इस तकनीक को और विकसित कर रहा है।
 

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