{"_id":"6a60b1c1c8f4d74c4309d13f","slug":"sonam-wangchuk-seeks-assurance-no-action-against-student-protesters-fast-letter-to-centre-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"CJP Protest: वांगचुक ने केंद्र सरकार के सामने रखी अनशन खत्म करने की क्या शर्त? बोले- मैं जीना चाहता हूं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CJP Protest: वांगचुक ने केंद्र सरकार के सामने रखी अनशन खत्म करने की क्या शर्त? बोले- मैं जीना चाहता हूं
Wed, 22 Jul 2026 05:34 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:34 PM IST
सार
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से मांग की है कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होने का स्पष्ट भरोसा दिया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा आश्वासन मिलने पर ही वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करेंगे। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों से हुई मुलाकात और विभिन्न दलों के सांसदों के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन का उद्देश्य निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
सोनम वांगचुक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। इसमें सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार यह स्पष्ट आश्वासन देती है कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तो वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। अन्यथा उन्हें अपना अनशन जारी रखना पड़ेगा।
पत्र में वांगचुक ने लिखा कि अस्पताल में उनसे मिलने और अनशन समाप्त करने की अपील करने के लिए वह दोनों केंद्रीय मंत्रियों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार निम्नलिखित मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
ये भी पढ़ें: Rahul Gandhi Press Conference: 10 साल में 152 पेपर लीक, एक को भी सजा नहीं; राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
विज्ञापन
वांगचुक ने पुलिस पर लगाए क्या आरोप?
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि संसद में इस मुद्दे पर सार्थक चर्चा हो, जवाबदेही तय की जाए और इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी विचार किया जाए। उन्होंने पत्र में लिखा कि 20 जुलाई 2026 को निकाला गया 'संसद चलो' मार्च पुलिस की ज्यादतियों और बल के अनुपातहीन इस्तेमाल के बावजूद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। पूरे देश और दुनिया ने प्रदर्शनकारियों के धैर्य और लोकतांत्रिक विरोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का यह विश्वास प्रतिभागियों के खिलाफ कानूनी मुकदमों, उत्पीड़न या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा। वांगचुक ने लिखा कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है। कुछ उनसे मिल चुके हैं और कुछ शाम तक मिलने वाले हैं। सभी ने उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और कहा कि देश की सेवा के लिए उन्हें अभी बहुत काम करना है।
सोनम वांगचुक बोले- 'मैं जीना चाहता हूं'
उन्होंने लिखा, "मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं जिसने मेरे जीवन को दिशा दी है। लेकिन मैं ऐसा उन युवाओं की कीमत पर नहीं कर सकता, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ।"
वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट आश्वासन देने की मांग करते हुए कहा, "मैं सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि सरकार स्पष्ट रूप से आश्वस्त करे कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनका एकमात्र 'अपराध' निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज उठाना है।"
उम्मीद है आंदोलन को दबाने के लिए नहीं होगा बल प्रयोग : वांगचुक
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा आश्वासन देती है तो वह इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे कि सरकार ने केवल उनकी अपील ही नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की आकांक्षाओं को भी सुना है। वांगचुक ने लिखा, "अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो मुझे अपना अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही मुझे उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग दोबारा नहीं किया जाएगा।"
ये भी पढ़ें: 'प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें', राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने रखीं तीन मांगे, प्रदर्शन को दिया समर्थन
पत्र के अंत में उन्होंने कहा, "हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह अपने समर्थकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि वह अपने उन युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, जो साहस, उम्मीद और दृढ़ विश्वास के साथ अपनी आवाज उठाते हैं।"
विज्ञापन
पत्र में वांगचुक ने लिखा कि अस्पताल में उनसे मिलने और अनशन समाप्त करने की अपील करने के लिए वह दोनों केंद्रीय मंत्रियों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार निम्नलिखित मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Rahul Gandhi Press Conference: 10 साल में 152 पेपर लीक, एक को भी सजा नहीं; राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
विज्ञापन
वांगचुक ने पुलिस पर लगाए क्या आरोप?
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि संसद में इस मुद्दे पर सार्थक चर्चा हो, जवाबदेही तय की जाए और इसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी विचार किया जाए। उन्होंने पत्र में लिखा कि 20 जुलाई 2026 को निकाला गया 'संसद चलो' मार्च पुलिस की ज्यादतियों और बल के अनुपातहीन इस्तेमाल के बावजूद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। पूरे देश और दुनिया ने प्रदर्शनकारियों के धैर्य और लोकतांत्रिक विरोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में लोगों का यह विश्वास प्रतिभागियों के खिलाफ कानूनी मुकदमों, उत्पीड़न या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा। वांगचुक ने लिखा कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है। कुछ उनसे मिल चुके हैं और कुछ शाम तक मिलने वाले हैं। सभी ने उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और कहा कि देश की सेवा के लिए उन्हें अभी बहुत काम करना है।
सोनम वांगचुक बोले- 'मैं जीना चाहता हूं'
उन्होंने लिखा, "मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं जिसने मेरे जीवन को दिशा दी है। लेकिन मैं ऐसा उन युवाओं की कीमत पर नहीं कर सकता, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ।"
वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट आश्वासन देने की मांग करते हुए कहा, "मैं सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि सरकार स्पष्ट रूप से आश्वस्त करे कि इस आंदोलन में भाग लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनका एकमात्र 'अपराध' निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के लिए अपनी आवाज उठाना है।"
उम्मीद है आंदोलन को दबाने के लिए नहीं होगा बल प्रयोग : वांगचुक
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा आश्वासन देती है तो वह इस विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे कि सरकार ने केवल उनकी अपील ही नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की आकांक्षाओं को भी सुना है। वांगचुक ने लिखा, "अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो मुझे अपना अनशन अनिश्चितकाल तक जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही मुझे उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग दोबारा नहीं किया जाएगा।"
ये भी पढ़ें: 'प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें', राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने रखीं तीन मांगे, प्रदर्शन को दिया समर्थन
पत्र के अंत में उन्होंने कहा, "हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह अपने समर्थकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि वह अपने उन युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, जो साहस, उम्मीद और दृढ़ विश्वास के साथ अपनी आवाज उठाते हैं।"