Lee Jae Myung: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग तीन दिवसीय भारत दौरे पर, द्विपक्षीय संबंध होंगे मजबूत
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी से मुलाकात में व्यापार, रक्षा, एआई और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों देश आर्थिक संबंध मजबूत कर निवेश और आपूर्ति श्रृंखला समन्वय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
विस्तार
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग रविवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
किन-किन क्षेत्रों पर होगी चर्चा
राष्ट्रपति ली सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर मुहर लगने की संभावना है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लाक ने सियोल में कहा कि ली की यात्रा के मद्देनजर दोनों देश रणनीतिक क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग का नया अध्याय खोलेंगे।
उन्होंने जहाज निर्माण, समुद्री उद्योग, वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया। वाई सुंग-लाक ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध से उत्पन्न वैश्विक गतिशीलता के बीच दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर घनिष्ठ समन्वय बनाए रखेंगे। नई दिल्ली में, राष्ट्रपति ली दोनों देशों के शीर्ष कॉर्पोरेट अधिकारियों वाले एक व्यापार मंच में भी भाग ले सकते हैं। भारत-दक्षिण कोरिया के रणनीतिक संबंध पिछले कई वर्षों से मजबूत हो रहे हैं।
2025 पर द्विपक्षीय व्यापार 21.5 अरब रुपये रहा
व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के 2010 में लागू होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों में तेजी आई है। जनवरी से अक्टूबर 2025 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 21.5 अरब रुपये रहा। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 25.1 अरब रुपये था। भारत से दक्षिण कोरिया को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में एल्यूमीनियम, अनाज और लोहा तथा इस्पात शामिल हैं।
भारत में दक्षिण कोरियाई निवेश
दक्षिण कोरिया भारत में 15वां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक है। वर्ष 2024 में उस देश द्वारा भारत में किया गया कुल निवेश 929 करोड़ रुपये था। यह निवेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच निवेश संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।
