{"_id":"6311d8097f47160aac651d85","slug":"supreme-court-grants-bail-to-activist-teesta-setalvad-in-gujarat-riots-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: तीस्ता सीतलवाड़ को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, जांच में सहयोग करने को कहा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: तीस्ता सीतलवाड़ को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, जांच में सहयोग करने को कहा
Fri, 02 Sep 2022 05:17 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 02 Sep 2022 05:17 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने इस मामले पर केवल अंतरिम जमानत के दृष्टिकोण से विचार किया है। गुजरात उच्च न्यायालय तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर इस अदालत द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी से स्वतंत्र और अप्रभावित रूप से फैसला करेगा।
विज्ञापन
Teesta Setalvad
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित रूप से दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। कोर्ट ने तीस्ता से अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने इस मामले पर केवल अंतरिम जमानत के दृष्टिकोण से विचार किया है। गुजरात उच्च न्यायालय तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर इस अदालत द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी से स्वतंत्र और अप्रभावित रूप से फैसला करेगा।
विज्ञापन
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हैरत जताई थी कि गुजरात हाईकोर्ट ने कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका को 19 सितंबर को सुनवाई के लिए क्यों सूचीबद्ध किया है। हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को नोटिस दिए जाने के छह सप्ताह बाद शीर्ष अदालत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से तीस्ता की याचिका पर जवाब मांगा था और शुक्रवार दोपहर दो बजे तक उसे सूचित करने के लिए कहा था।
विज्ञापन
तीस्ता पर लोगों को फंसाने के लिए झूठे सबूत गढ़ने का आरोप
सीतलवाड़ और श्रीकुमार दोनों को जून में गिरफ्तार किया गया था, उन पर 2002 के गोधरा दंगों के बाद के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने का आरोप है। वे साबरमती केंद्रीय जेल में बंद हैं। श्रीकुमार ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। मामले के तीसरे आरोपी पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने जमानत के लिए आवेदन नहीं किया है। भट्ट पहले से ही एक अन्य आपराधिक मामले में जेल में थे जब उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
सीतलवाड़ और श्रीकुमार को किया गया था गिरफ्तार
मुंबई के सीतलवाड़ और श्रीकुमार को 24 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जकिया जाफरी द्वारा दायर एक याचिका खारिज करने के कुछ दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था। जकिया के पति और पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी अहमदाबाद में दंगों के दौरान मारे गए थे, जिसमें एसआईटी की क्लीन चिट को चुनौती दी गई थी।