{"_id":"6996e019d8e3aae07c0cf859","slug":"supreme-court-news-updates-caa-pleas-from-may-5-tamil-nadu-stalin-2011-election-sonam-wangchuk-case-hearing-2026-02-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: सीएए से जुड़े मामलों पर पांच मई से सुनवाई; स्टालिन के चुनाव को चुनौती मामले में फैसला सुरक्षित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: सीएए से जुड़े मामलों पर पांच मई से सुनवाई; स्टालिन के चुनाव को चुनौती मामले में फैसला सुरक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Thu, 19 Feb 2026 03:34 PM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (2019) की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली आईयूएमएल समेत 200 से ज्यादा याचिकाओं पर कहा कि इनकी अंतिम सुनवाई 5 मई से सुनवाई शुरू होगी। सीएए का मकसद हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों के उन प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है, जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से देश में आए थे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमालया बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के संबंध में प्रक्रियात्मक निर्देश जारी किए। पीठ ने कहा कि इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी। केंद्र को अपनी दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पीठ 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर लेगी। पीठ ने पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और दलीलें दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा कि वह पहले पूरे भारत में सीएए के लागू होने से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करेगी और उसके बाद असम और त्रिपुरा से संबंधित याचिकाओं पर ध्यान देगी।
Trending Videos
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमालया बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के संबंध में प्रक्रियात्मक निर्देश जारी किए। पीठ ने कहा कि इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी। केंद्र को अपनी दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पीठ 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर लेगी। पीठ ने पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और दलीलें दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा कि वह पहले पूरे भारत में सीएए के लागू होने से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करेगी और उसके बाद असम और त्रिपुरा से संबंधित याचिकाओं पर ध्यान देगी।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एआईएडीएमके नेता सैदाई एस दुरैसामी की ओर से दायर याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन के खिलाफ उनकी चुनाव याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिका में स्टालिन पर 2011 के विधानसभा चुनावों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों की ओर से दी गईं दलीलों को सुना। 2017 में मद्रास उच्च न्यायालय ने दुरैसामी की चुनाव याचिका खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि दुरैसामी 2011 के चुनावों में कोलाथुर सीट से स्टालिन से 2,739 वोटों से हार गए थे। दुरैसामी ने आरोप लगाया था कि निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को निर्धारित व्यय सीमा से अधिक धनराशि बांटी गई और साथ ही पूरक मतगणना भी की गई। दुरैसामी ने डीएमके पर अपने पदाधिकारियों और धन का इस्तेमाल करके मतदाताओं को लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपनाने का भी आरोप लगाया।
न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की पीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों की ओर से दी गईं दलीलों को सुना। 2017 में मद्रास उच्च न्यायालय ने दुरैसामी की चुनाव याचिका खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि दुरैसामी 2011 के चुनावों में कोलाथुर सीट से स्टालिन से 2,739 वोटों से हार गए थे। दुरैसामी ने आरोप लगाया था कि निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को निर्धारित व्यय सीमा से अधिक धनराशि बांटी गई और साथ ही पूरक मतगणना भी की गई। दुरैसामी ने डीएमके पर अपने पदाधिकारियों और धन का इस्तेमाल करके मतदाताओं को लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपनाने का भी आरोप लगाया।