फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court reprimands SIT Ram Mandir donations directs submission of report in sealed envelope

राम मंदिर दान का होगा हिसाब: SIT को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने का निर्देश

Mon, 17 Aug 2026 03:17 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 17 Aug 2026 03:17 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने  सोमवार को अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी को जांच में तेजी लाने और उसे सही नतीजे तक पहुंचाने को कहा। कोर्ट ने जांच की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर निष्पक्षता से विचार करने को कहा है।

विज्ञापन
Supreme Court reprimands SIT Ram Mandir donations directs submission of report in sealed envelope
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच टीम एसआईटी से अपनी जांच में तेजी लाने और दो सप्ताह में सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने एसआईटी को दान में कथित चोरी के मामले में अब तक हुई जांच की प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने का निर्देश दिया। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट दान प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नए निर्देश जारी कर सकता है। 
विज्ञापन


याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर निष्पक्षता से विचार करने का निर्देश
पीठ ने एसआईटी से कहा कि जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग याचिकाकर्ताओं की ओर से दिए गए सुझावों पर निष्पक्ष रूप से विचार किया जाए। कोर्ट ने संकेत दिया कि जांच में किसी भी तरह की कमी न रहे और पूरे मामले की पड़ताल प्रभावी तरीके से आगे बढ़े।
विज्ञापन


रिपोर्ट के बाद दान प्रबंधन पर आ सकते हैं नए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट देखने के बाद वह राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान के प्रबंधन में सुधार के लिए जरूरी निर्देश जारी कर सकता है। यानी कोर्ट की नजर केवल कथित हेराफेरी की जांच पर ही नहीं, बल्कि भविष्य में दान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


27 जुलाई को चार सदस्यीय एसआईटी के गठन का लिया था संज्ञान
इससे पहले 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी की जांच के लिए IGP किरण एस. की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय एसआईटी का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने के लिए भी कहा था।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर कोर्ट ने दिया था जोर
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इसमें 'सुधारात्मक कदम उठाने होंगे'। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि दान के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

20 जुलाई को एसआईटी गठित करने की संभावना पर मांगी थी जानकारी
20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए SIT गठित करने की क्या संभावना है। कोर्ट की इस पहल के बाद मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई आगे बढ़ी और विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

13 जुलाई को पुलिस से मांगी थी स्टेटस रिपोर्ट
इससे पहले 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। साथ ही दान की कथित चोरी की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस भी जारी किया था।


ये भी पढ़ें: Twisha Sharma Case: सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, 636 पन्नों में बंद त्विषा शर्मा की हत्या या आत्महत्या का राज

दान प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता
राम मंदिर में दान के प्रबंधन को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद RJD सांसद सुधाकर सिंह समेत कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं ने मामले की जांच CBI से कराने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है। अब सुप्रीम कोर्ट की निगाह SIT की जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे के कदम तय किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed