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अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, 4 सप्ताह में चुकाएं पैसे नहीं तो जाएं जेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अल्पना शर्मा Updated Wed, 20 Feb 2019 10:52 AM IST
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Supreme Court says Anil Ambani and 2 directors have to pay Rs 453 Crore to Ericsson India
Anil ambani

सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी को जानबूझ कर उसके आदेश का उल्लंघन करने और टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए बकाए का भुगतान नहीं करने पर बुधवार को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम के अध्यक्ष सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल की अध्यक्ष छाया विरानी ने न्यायालय में दिये गये आश्वासनों और इससे जुड़े आदेशों का उल्लंघन किया है।


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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंबानी और अन्य को अवमानना से बचने के लिए एरिक्सन को चार सप्ताह में 453 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने कहा कि अगर वे निर्धारित समय में भुगतान नहीं करते तो उन्हें तीन महीने जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल दोनों को चार सप्ताह में सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री में एक-एक करोड़ रुपये जमा करने को भी कहा नहीं तो अध्यक्ष को एक महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

इसमें निर्देश दिया गया है कि रिलायंस ग्रुप की ओर से न्यायालय की रजिस्ट्री में पहले से जमा कराए गये 118 करोड़ रुपये एरिक्सन को दिए जाएं।

इसमें कहा गया है, ‘‘रिलायंस समूह के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दिए गए आश्वासनों से यह प्रतीत होता है कि आदेश के बावजूद उन्होंने जानबूझ कर एरिक्सन को राशि का भुगतान नहीं किया।’’ सुप्रीम कोर्ट ने उल्लेख किया कि रिलायंस की बिना शर्त माफी को खारिज किए जाने की जरूरत है क्योंकि उन्होंने आश्वासन और आदेश का उल्लंघन किया है।

रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ दायर की गई अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 14 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। 550 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाने की वजह से स्वीडिश कंपनी एरिक्सन ने अनिल के खिलाफ अदालती अवमानना का मुकदमा कर रखा है। 

मुझे भरोसा है कि आरकॉम न्यायालय के फैसले का सम्मान करेगा : रोहतगी

अनिल अंबानी की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बुधवार को कहा कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं और उन्होंने भरोसा जताया कि एरिक्सन को बकाए के भुगतान संबंधी आदेश का आरकॉम समूह आदर करेगा।

रोहतगी ने मामले में फैसला सुनाए जाने के कुछ ही मिनट बाद ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं। हमने हमारे समक्ष आई मुश्किलों का सामना किया है। हालांकि न्यायालय को जो आदेश देना था, उसने दे दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि आरकॉम उच्चतम न्यायालय के आदेश का सम्मान करेगा।’’ 

 
क्या है विवाद

सुप्रीम कोर्ट ने 23 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन कंपनी को 15 दिसंबर तक 550 करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान करे। अगर रकम चुकाने में देरी होती है तो सालाना 12% ब्याज भी देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरा करने में नाकाम रहने पर एरिक्सन कंपनी ने अवमानना याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त याचिका पर अनिल अंबानी को नोटिस जारी कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा था।  

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