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सुप्रीम कोर्ट: एसआईआर पर राहुल गांधी समेत विपक्ष की याचिका पर सुनवाई आज, वोटर लिस्ट से नाम कटने पर उठाए सवाल

Thu, 15 Oct 2026 04:46 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 15 Oct 2026 04:46 AM IST
सार

राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की एसआईआर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। याचिका में स्वतंत्र ऑडिट, हटाए गए नामों का बूथवार ब्योरा और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है। इससे जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस ब्लॉग में पढ़ें...

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Supreme Court to Hear Rahul Gandhi Plea on SIR and Voter Deletions on October 15 Updates in Hindi
इंडिया गठबंधन की याचिका पर सुप्रीम सुनवाई - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज, 15 अक्तूबर को सुनवाई होगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस मामले में अदालत का रुख किया है। याचिका में मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई है।

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सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 अक्तूबर की वाद सूची के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता सोमवार को मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे और याचिका दाखिल की थी।
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सेवानिवृत्त जज की अगुवाई में स्वतंत्र समिति बनाने की मांग
याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल किया जाए। समिति को एक तय समयसीमा के भीतर एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करने की जिम्मेदारी देने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी भी मतदाता का नाम कानून के अनुसार नोटिस दिए बिना और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
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SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मामले में अंतिम निर्णय होने तक राज्यों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि इससे पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी। याचिका में पंजाब और अन्य चुनावी राज्यों के पात्र नागरिकों को कानून के तहत निर्धारित अंतिम तारीख तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर देने की मांग भी की गई है।

खरगे, अखिलेश और तेजस्वी समेत कई नेता याचिकाकर्ता
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी याचिका में सह-याचिकाकर्ता हैं। इनके साथ तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले भी शामिल हैं। इसके अलावा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी. राजा और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी याचिका दाखिल की है।

चुनाव आयोग से रिकॉर्ड और दस्तावेज पेश करने की मांग
याचिका में भारत निर्वाचन आयोग से एसआईआर से जुड़े विवादित फैसलों की पूरी फाइलें, बैठक के एजेंडे, कार्यवाही का ब्योरा, अधिकारियों की टिप्पणियां और दर्ज आपत्तियां अदालत के सामने रखने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके साथ ही इलेक्शन कमीशन इन्फॉर्मेशन नेटवर्क (ECINET) और इलेक्टोरल रोल ऑफिसर्स नेटवर्क (ERONET) के एक्सेस लॉग भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने 24 जून 2025 को देशभर में एसआईआर शुरू करने के फैसले से जुड़े सभी दस्तावेज भी पेश करने की अपील की है।

याचिका में यह जांच कराने की मांग की गई है कि एसआईआर से संबंधित विवादित फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 18 और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप लिए गए थे या नहीं। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि यदि कोई फैसला कानूनी अधिकार के बिना लिया गया है, तो उसे रद्द किया जाना चाहिए। संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची तैयार कराने और चुनावों के संचालन की निगरानी, निर्देशन तथा नियंत्रण की जिम्मेदारी देता है।

बूथवार हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करने की मांग
याचिका में निर्वाचन आयोग को एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों की बूथवार सूची प्रकाशित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके साथ ही हर नाम हटाने का कारण बताने और उम्र तथा लिंग के आधार पर हटाए गए नामों का ब्योरा सार्वजनिक करने की अपील की गई है। याचिकाकर्ताओं ने ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी की है, जो जांच में मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र पाए जाते हैं।


दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर भी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की पीठ 10 अक्तूबर को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित अलग-अलग याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। ये याचिकाएं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने, रेल सेवाओं में व्यवधान और अन्य घटनाओं से जुड़ी हैं। दिल्ली में एसआईआर के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

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