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तमिलनाडु चुनाव: 'एमजीआर हमारे लिए भगवान, विजय से न करें तुलना', पलानीस्वामी ने TVK प्रमुख पर साधा निशाना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई (तमिलनाडु) Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 11 Apr 2026 02:22 AM IST
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सार

तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, सियासी नेताओं के एक-दूसरे पर हमले तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को एआईएडीएमके महासचिव ईके पलानीस्वामी ने टीवीके प्रमुख विजय पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एआईएडीएमके के संस्थापक एमजीआर से विजय की तुलना किए जाने पर सवाल उठाया। पढ़िए रिपोर्ट-

Tamil Nadu Assembly Election 2026 Don't compare Vijay with MGR, says AIADMK chief Palaniswami
एआईएडीएमके के महासचिव ईके पलानीस्वामी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) प्रमुख ईके पलानीस्वामी ने शुक्रवार को जनता से अपील की कि अभिनेता से नेता बने विजय की तुलना उनकी पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) से न की जाए। उन्होंने कहा कि एमजीआर अपने जीवनकाल में जनता की ही सेवा करते रहे और अपनी संपत्ति तक एक मूक-बधिर गृह को दान कर दी थी। इसलिए उनकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। 
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पलानीस्वामी ने उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दूसरों की आलोचना करते समय 'गरिमा और अनुशासन' जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि वह एमजीआर और जे जयललिता के राजनीतिक सिद्धांतों के विद्यालय से आते हैं। 
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पलानीस्वामी ने तिरुवल्लूर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, एमजीआर हमारे लिए भगवान हैं। उनकी तुलना विजय से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, एमजीआर ने फिल्मों से कमाए पैसे जनता की भलाई में लगाए और जीवनभर लोगों के लिए काम किया। उन्होंने मृत्यु के बाद भी अपनी संपत्ति मूक-बधिर गृह को दान कर दी थी। ऐसे उत्कृष्ट व्यक्ति हमारे नेता हैं। पलानीस्वामी की इस बात जनता ने जोरदार तालियों के साथ उनका समर्थन किया। 

उन्होंने आगे पूछा, क्या विजय ऐसे (नेता) हैं? जहां तक मेरा या एआईएडीएमके का सवाल है,लोकतंत्र में कोई भी राजनीति में आ सकता है। यह उनका अधिकार है। लेकिन राजनीति में आने के बाद उन्हें उन लोगों को निराश नहीं करना चाहिए, जो उन पर निर्भर हैं। बल्कि समस्याओं का सामना करना चाहिए। 

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पलानीस्वामी ने कहा कि जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था, उस दिन से लेकर अपने कार्यकाल के अंत तक उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, सूखा, चक्रवात, बाढ़ और महामारी जैसी स्थितियों से उन्हें जूझना पड़ा, जब लोग अपने घरों से नहीं निकल पा रहे थे। 

उन्होंने दावा किया कि कठिन समय में भी उन्होंने जनता को राहत देने वाली सरकार चलाई। जब पार्टी के एक सदस्य ने उदयनिधि की तस्वीर दिखाई, तो उन्होंने कहा, इसे जनता को दिखाइए, उन्हें इससे आपत्ति होगी। उन्होंने कहा, एआईएडीएमके और डीएमके में अंतर है। पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी एमजीआर और जयललिता के सिद्धांतों पर चलती है और जनता की भलाई उनकी प्राथमिकता है। 

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