CM Vijay Delhi Visit: आज सोनिया गांधी-राहुल से मिलेंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कल पीएम से की थी मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय गुरुवार को दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से राज्य के मुद्दों पर चर्चा की।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आज दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद राहुल गांधी के साथ यह उनकी दूसरी मुलाकात होगी। इस दौरान सोनिया गांधी के साथ एक संयुक्त फोटो अवसर भी होने की संभावना है।
इससे एक दिन पहले विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। बैठक में उन्होंने मेकेदातु बांध विवाद, तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी और तमिल वंदना गीत विवाद समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
पीएम मोदी और सीतारमण से हुई राज्य के मुद्दों पर चर्चा
विजय ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़ी बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए प्राथमिकता के आधार पर फंड देने की मांग की। इसके लिए उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा।
प्रधानमंत्री के साथ बैठक में विजय ने श्रीलंका की जेलों में बंद तमिलनाडु के मछुआरों और उनकी नौकाओं की रिहाई के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। साल 2026 में अब तक मछुआरों की गिरफ्तारी की 12 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल 58 मछुआरे हिरासत में हैं और 266 नौकाएं जब्त की जा चुकी हैं। वहीं, निर्मला सीतारमण के साथ चर्चा में उन्होंने तमिलनाडु में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INI) स्थापित करने की मांग भी उठाई।
विजय की जीत ने सबकों चौका दिया
अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी को चौंका दिया। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 सीटों से पीछे रह गई थी, जिसके बाद राज्य में तेज राजनीतिक गतिविधियां शुरू हुईं।
बाद में विजय को कांग्रेस, वाम दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) समेत कई दलों का समर्थन मिला। इसके बाद उन्होंने बहुमत का आंकड़ा पार कर गठबंधन सरकार बनाई।
तमिलनाडु में कई दशकों बाद गठबंधन सरकार का गठन हुआ है। राज्य की राजनीति लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाली सरकारों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, ऐसे में विजय का उदय राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।