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Politics On Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में भगदड़ पर डीएमके का हमला, विजय को ठहराया मौतों का जिम्मेदार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 15 Jan 2026 03:45 PM IST
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सार
डीएमके ने करूर भगदड़ के लिए टीवीके प्रमुख विजय को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि विजय के कार्यक्रम में देर से पहुंचने के कारण लोगों की जान गई। वहीं, सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में विजय से सात घंटे पूछताछ की थी।
टीकेएस एलंगोवन, नेता, डीएमके
- फोटो : ANI
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विस्तार
करूर में हुई भगदड़ को लेकर डीएमके ने टीवीके प्रमुख विजय पर बड़ा आरोप लगाया है। डीएमके प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने करूर भगदड़ की घटना को लेकर टीवीके प्रमुख विजय की कड़ी आलोचना की है। एलंगोवन ने आरोप लगाया कि इस हादसे और कई लोगों की मौत के लिए सीधे तौर पर विजय को जिम्मेदार ठहराया। एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए एलंगोवन ने कहा कि यह त्रासदी इसलिए हुई क्योंकि अभिनेता से नेता बने विजय अपने ही कार्यक्रम में बहुत देर से पहुंचे।
क्या बोले डीएमके नेता?
डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा विजय को यह समझना चाहिए कि यह हादसा उनकी देरी की वजह से हुआ। उन्होंने लोगों को सुबह नौ बजे से शाम साढ़े सात बजे तक करीब नौ घंटे इंतजार करवाया। चिलचिलाती धूप में बिना खाने-पीने के इंतजार करने से लोग बेहोश हो गए। एलंगोवन ने दावा किया कि अगर विजय तय समय यानी दोपहर 12 बजे रेली में आ जाते, तो जानें बचाई जा सकती थीं। उन्होंने कहा कि विजय अपनी गलती मानने के बजाय दूसरी बातें कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: तमिलनाडु में राहुल-स्टालिन साथ नहीं?: डीएमके ने ठुकराई कांग्रेस की मांग; कहा- सत्ता साझेदारी का सवाल ही नहीं
सीबीआई ने की लंबी पूछताछ
इस बीच टीवीके प्रमुख विजय दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के बाद मंगलवार को चेन्नई लौट आए। सीबीआई ने सोमवार को उनसे सात घंटे से ज्यादा समय तक सवाल-जवाब किए। यह पूछताछ करूर भगदड़ मामले से जुड़ी थी, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, विजय को पोंगल त्योहार के लिए घर जाने की राहत दी गई है। हालांकि उनकी कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। उन्हें पूछताछ के लिए बाद में फिर बुलाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई ने विजय को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस भेजकर बुलाया था। जांच एजेंसी ने उनसे हादसे के कारणों और घटना के समय को लेकर विस्तार से सवाल किए। पूछताछ के दौरान विजय के समर्थक सीबीआई दफ्तर के बाहर इंतजार करते रहे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने तमिलनाडु पुलिस से यह केस अपने हाथ में लिया था। यह हादसा एक राजनीतिक सभा के दौरान हुआ था, जिससे लोगों में काफी गुस्सा फैल गया था। इसके बाद न्यायिक और कानूनी जांच शुरू हुई थी।
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क्या बोले डीएमके नेता?
डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा विजय को यह समझना चाहिए कि यह हादसा उनकी देरी की वजह से हुआ। उन्होंने लोगों को सुबह नौ बजे से शाम साढ़े सात बजे तक करीब नौ घंटे इंतजार करवाया। चिलचिलाती धूप में बिना खाने-पीने के इंतजार करने से लोग बेहोश हो गए। एलंगोवन ने दावा किया कि अगर विजय तय समय यानी दोपहर 12 बजे रेली में आ जाते, तो जानें बचाई जा सकती थीं। उन्होंने कहा कि विजय अपनी गलती मानने के बजाय दूसरी बातें कर रहे हैं।
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सीबीआई ने की लंबी पूछताछ
इस बीच टीवीके प्रमुख विजय दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के बाद मंगलवार को चेन्नई लौट आए। सीबीआई ने सोमवार को उनसे सात घंटे से ज्यादा समय तक सवाल-जवाब किए। यह पूछताछ करूर भगदड़ मामले से जुड़ी थी, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, विजय को पोंगल त्योहार के लिए घर जाने की राहत दी गई है। हालांकि उनकी कानूनी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। उन्हें पूछताछ के लिए बाद में फिर बुलाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई ने विजय को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 179 के तहत नोटिस भेजकर बुलाया था। जांच एजेंसी ने उनसे हादसे के कारणों और घटना के समय को लेकर विस्तार से सवाल किए। पूछताछ के दौरान विजय के समर्थक सीबीआई दफ्तर के बाहर इंतजार करते रहे।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल अक्टूबर में सीबीआई ने तमिलनाडु पुलिस से यह केस अपने हाथ में लिया था। यह हादसा एक राजनीतिक सभा के दौरान हुआ था, जिससे लोगों में काफी गुस्सा फैल गया था। इसके बाद न्यायिक और कानूनी जांच शुरू हुई थी।
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