सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   TCS Nashik Row Nida Khan Maharashtra Court Appeal Supreme Court Forced Conversion plea know development So Far

TCS Nasik Row: गर्भवती है निदा खान? अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट पहुंची, सीएम फडणवीस ने बताया 'सुनियोजित माड्यूल'

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवीन पारमुवाल Updated Fri, 17 Apr 2026 12:54 PM IST
विज्ञापन
सार

नाशिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑफिस में जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान फिलहाल फरार है, लेकिन उसके परिवार का दावा है कि वह गर्भवती है और मुंबई में है।

TCS Nashik Row Nida Khan Maharashtra Court Appeal Supreme Court Forced Conversion plea know development So Far
नासिक टीसीएस कार्यालय में धर्म परिवर्तन और यौन शोषण का मामला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

TCS Nashik Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक धर्मांतरण के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस प्रकरण के आरोपियों में शामिल निदा खान फिलहाल फरार है, लेकिन उसके परिवार की ओर से दावा किया गया है कि वह मुंबई में है। साथ ही, परिवार वालों ने यह भी दावा किया है कि निदा खान गर्भवती है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है।
Trending Videos


निदा खान ने नाशिक की एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। माना जा रहा है कि वह अपनी मेडिकल स्थिति को आधार बनाकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) निदा की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे आधिकारिक मेडिकल चैनलों के माध्यम से निदा के इन दावों की पुष्टि करेंगे। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने निदा खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने बताया इसे गंभीर साजिश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नासिक टीसीएस यूनिट में यौन उत्पीड़न और धार्मिक उत्पीड़न के जो आरोप लगे हैं, वे अत्यंत गंभीर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि ये गतिविधियां एक सुनियोजित 'मॉड्यूल' के तहत की जा रही थीं। उन्होंने टीसीएस प्रबंधन की सराहना की कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और आरोपियों का बचाव नहीं कर रहे हैं।

फडणवीस ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है। नासिक पुलिस ने अब तक कुल नौ शिकायतों पर मामला दर्ज किया है। महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि साल 2022 से मार्च 2026 के दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया, उनका पीछा किया गया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पुलिस को जांच में धार्मिक उत्पीड़न का एक खास पैटर्न भी मिला है।



यह भी पढ़ें: TCS Case: हाउसकीपिंग स्टाफ बनकर दफ्तर में घुसी पुलिस, ऐसे किया दुष्कर्म और धर्मांतरण की साजिश का भंडाफोड़

क्या है पूरा मामला?
25 साल की निदा खान ने साल 2021 में नाशिक की टीसीएस बीपीओ यूनिट में काम शुरू किया था। नाशिक पुलिस इस समय ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी नौ शिकायतों की जांच कर रही है। पुलिस ने अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर हेड शामिल हैं। 

महिला कर्मचारियों के गंभीर आरोप
पुलिस की एसआईटी ने बताया कि आठ महिला कर्मचारियों ने वरिष्ठ सहयोगियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग से शिकायत की थी, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। यह पूरा विवाद फरवरी 2022 से मार्च 2024 के बीच का बताया जा रहा है।

एक आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर एक महिला कर्मचारी के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, महिला कर्मियों के साथ छेड़छाड़ और उनके निजी जीवन पर भद्दे कमेंट्स करने के भी आरोप हैं। जब शिकायत कंपनी के बड़े अधिकारियों तक पहुंची, तो उन्होंने कोई कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों का साथ दिया। पुलिस ने अपने बयान में बताया कि आरोपियों पर सिर्फ महिलाओं के उत्पीड़न का ही मामला नहीं है। उन्होंने एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, उस कर्मचारी के धर्म का अपमान भी किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

निदा खान के सस्पेंड पर कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी ने 9 अप्रैल 2026 की तारीख वाले निलंबन आदेश में कहा है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कंपनी के अनुसार, निदा खान फिलहाल पुलिस या न्यायिक हिरासत में है और अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभाने में असमर्थ है। निलंबन के साथ ही निदा खान की कंपनी के इंटरनल नेटवर्क तक पहुंच खत्म कर दी गई है। उन्हें कंपनी की सभी संपत्तियां वापस करने और किसी भी ऑफिस परिसर में न आने के निर्देश दिए गए हैं। टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि यह एक प्रशासनिक कार्रवाई है और आगे का निर्णय जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा।

यह भी पढ़ें: टीसीएस मामला: फरार एचआर मैनेजर निदा खान की तलाश तेज, एसआईडी-एटीएस और एनआईए से मांगी मदद

टीसीएस और टाटा संस ने क्या कहा?
टीसीएस ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि उनकी कंपनी में उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया है। उन्होंने घोषणा की कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में आंतरिक जांच की जा रही है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे पुलिस के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed