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Jantar Mantar Protest: पुलिस हिरासत में RSS से जुड़े टीजी मोहनदास, महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बनी वजह
Sun, 09 Aug 2026 09:27 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, कोच्चि।
एएनआई, कोच्चि।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 09 Aug 2026 09:27 PM IST
सार
आरएसएस से जुड़े राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को नीट प्रदर्शनकारियों और महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में हिरासत में लिया गया है। उनके बयानों में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने और महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी शामिल है। मोहनदास ने इसे व्यंग्यात्मक और काल्पनिक बताया है। क्या है पूरा मामला? जानिए...
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टीजी मोहनदास
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आरएसएस से जुड़े राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर उनकी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने उन्हें कोच्चि के मट्टनचेरी स्थित आवास से हिरासत में लिया। विवाद की शुरुआत मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो से हुई। 26 जुलाई को अपलोड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि अगर वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की स्थिति के प्रभारी होते तो क्या कदम उठाते।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या कहा था?
मोहनदास ने कहा था कि वह जंतर-मंतर के आसपास चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगाते। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तीन बार वहां से हटने के लिए कहते। उन्होंने आगे गोली चलाने की बात कही। उनके मुताबिक, इससे कुछ लोग मारे जा सकते थे और कुछ गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि चार घंटे के भीतर स्थिति नियंत्रण में आ जाती और शवों को अस्पताल ले जाया जाता।
महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी क्यों विवादित हुई?
एक अन्य वीडियो में मोहनदास ने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं को कथित तौर पर ‘यौन उत्पीड़न पसंद करने वाला’ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाएं ‘यौन उत्पीड़न का आनंद लेती हैं।’ इस बयान के बाद राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने विरोध जताया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने मोहनदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती हैं।
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यह भी पढ़ें: JPSC-JSSC मामला: आयोग के तीन सदस्यों का इस्तीफा राज्यपाल ने किया मंजूर, कल से CID शुरू करेगी पूछताछ
नीट प्रदर्शन को लेकर क्या था पूरा विवाद?
मोहनदास की टिप्पणियां कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर थीं। छात्र कथित नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।
मोहनदास ने अपनी सफाई में क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद मोहनदास ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी बातें काल्पनिक और व्यंग्यात्मक थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मलयालम में कही गई उनकी बातों का संदर्भ अनुवाद के दौरान खो गया। वहीं, आरएसएस ने मोहनदास के बयान से दूरी बना ली है। संगठन ने कहा कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। आरएसएस ने यह भी स्पष्ट किया कि मोहनदास संगठन में कोई आधिकारिक पद नहीं रखते।
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या कहा था?
मोहनदास ने कहा था कि वह जंतर-मंतर के आसपास चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगाते। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को तीन बार वहां से हटने के लिए कहते। उन्होंने आगे गोली चलाने की बात कही। उनके मुताबिक, इससे कुछ लोग मारे जा सकते थे और कुछ गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि चार घंटे के भीतर स्थिति नियंत्रण में आ जाती और शवों को अस्पताल ले जाया जाता।
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महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी क्यों विवादित हुई?
एक अन्य वीडियो में मोहनदास ने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने वामपंथी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं को कथित तौर पर ‘यौन उत्पीड़न पसंद करने वाला’ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाएं ‘यौन उत्पीड़न का आनंद लेती हैं।’ इस बयान के बाद राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने विरोध जताया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन ने मोहनदास के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती हैं।
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नीट प्रदर्शन को लेकर क्या था पूरा विवाद?
मोहनदास की टिप्पणियां कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर थीं। छात्र कथित नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।
मोहनदास ने अपनी सफाई में क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद मोहनदास ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी बातें काल्पनिक और व्यंग्यात्मक थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मलयालम में कही गई उनकी बातों का संदर्भ अनुवाद के दौरान खो गया। वहीं, आरएसएस ने मोहनदास के बयान से दूरी बना ली है। संगठन ने कहा कि ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। आरएसएस ने यह भी स्पष्ट किया कि मोहनदास संगठन में कोई आधिकारिक पद नहीं रखते।