BJP: भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे पर साधा निशाना, कर्नाटक में 19 एकड़ की सरकारी जमीन हड़पने के लगाए आरोप
भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में सरकारी जमीन हासिल करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि खरगे अपनी शक्ति और प्रभाव का इस्तेमाल करके जमीन हड़पी है।
भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके परिवार पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में सरकारी जमीन हासिल करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि खरगे अपनी शक्ति और प्रभाव का इस्तेमाल करके जमीन हड़पी है।
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भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे व कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के जरिए कर्नाटक में जमीन की लूट और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि यह एक-दो मामले नहीं बल्कि कई मामले हैं जिनमें खरगे परिवार ने कथित तौर पर गरीबों की जमीन हड़पी है।
'खरगे ने जमीन हड़प ली?.'
भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा 'कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 19 एकड़ जमीन खरगे के निजी ट्रस्ट को दे दी। इसका मतलब है कि 19 एकड़ सरकारी जमीन एक ट्रस्ट की निजी जमीन बन गई, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे समेत उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। तो क्या मल्लिकार्जुन खरगे ने सौदेबाजी के तहत अपनी शक्ति और प्रभाव का इस्तेमाल करके गुलबर्गा में ये 19 एकड़ जमीन हड़प ली?...'
यह 100 करोड़ रुपये की एक प्रमुख औद्योगिक भूमि है
उन्होंने आगे कहा 'सवाल उठता है कि क्या मल्लिकार्जुन खरगे ने निजी ट्रस्ट के माध्यम से कर्नाटक में 100 करोड़ रुपये की पांच एकड़ औद्योगिक भूमि हड़पने के लिए अपनी शक्ति और प्रभाव का दुरुपयोग किया? याद रखिए, राहुल गांधी और पूरा गांधी-वड्रा परिवार। उनके बहनोई रॉबर्ट वड्रा सहित भी इसी तरह के भूमि हड़पने के आरोपों का सामना कर चुके हैं। यह मामले अभी भी चल रहे हैं। गांधी-वड्रा परिवार ने जिस तरीके से भूमि लूटी थी। उसी तरीके को मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धार्थ वियरा ट्रस्ट के माध्यम से दोहराया है । यह 100 करोड़ रुपये की एक प्रमुख औद्योगिक भूमि।'
आगे वे कहते हैं, 'मैं आपके सामने भूमि लूट का पहला मामला सिद्धार्थ वियरा ट्रस्ट से संबंधित प्रस्तुत करना चाहता हूं। 2024 में, जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी अध्यक्ष थे अभी भी हैं, और प्रियांक खरगे मंत्री थे। तब कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) ने इस ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी।'
गरीबों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप
हमारा आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे एक ट्रस्ट के माध्यम से कर्नाटक में भूमि हड़पने और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इस ट्रस्ट का नाम सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट है। इस ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे, उनके बेटे प्रियांक खरगे, उनके दामाद और उनकी पत्नी शामिल हैं। उन्होंने एक दूसरे मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ दूसरा मामला नहीं है। मैं आपके सामने एक और मामला रखना चाहता हूं। सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने बहुत अजीब काम किया। उन्होंने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया।
ट्रस्ट जमीन ट्रांसफर करना चाहता था। वह हमेशा के लिए गुलबर्गा में मल्लिकार्जुन खरगे के प्राइवेट ट्रस्ट के पास चली गई। अभी तक किसी को नहीं पता कि यह विक्रेता कौन है। तो, भ्रष्टाचार के तीसरे तरीके के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक फर्जी विक्रेता खड़ा किया।