तिरुपति लड्डू घी विवाद: सीबीआई ने TTD के अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए, निविदा शर्तों चूक का आरोप
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने आंध्र प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह टीटीडी के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें पूर्व सदस्य भी शामिल हैं के खिलाफ उचित कार्रवाई करे। सीबीआई का कहना है कि निविदा शर्तों में जानबूझकर की गई चूक और लापरवाही के कारण प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले घी की आपूर्ति में मिलावट हुई।
एसआईटी की जांच में अधिकारियों की भूमिका उजागर
- ओ. बालाजी (एफए एवं सीएओ)
- ए.वी. धर्म रेड्डी (पूर्व अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी)
- अनिल कुमार सिंघल (पूर्व कार्यकारी अधिकारी)
इन अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने निविदा शर्तों को बिना समुचित जांच-परख के मंजूरी दी, जिससे गंभीर प्रशासनिक खामियां पैदा हुईं।
अयोग्य डेयरियों को मिला टेंडर
- भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड
- वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड
- मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
इन कंपनियों ने टेंडर हासिल किए और 2020 से 2023 के बीच टीटीडी को मिलावटी घी की आपूर्ति की।
धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला, कार्रवाई की सिफारिश
जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। इसी आधार पर सीबीआई ने राज्य सरकार से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की है।
तिरुपति के लड्डुओं में पशु वसा होने की पुष्टि हुई थी: नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि उन्होंने वाईएसआरसीपी के शासनकाल में टीटीडी को आपूर्ति किए गए घी में पशु वसा मिली होने की बात एनडीडीबी की प्रयोगशाला की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद ही कही थी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में घी में मिलावट होने की पुष्टि की गई थी।
