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Ajit Pawar Death Plane Crash News: Why is the former Home Minister suspicious of Ajit Pawar's plane crash?
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Ajit Pawar Death Plane Crash News: अजित पवार के विमान हादसे पर पूर्व गृहमंत्री को आखिर क्यों है शक?
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 04 Feb 2026 01:37 AM IST
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वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े कथित विमान हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस घटना की जानकारी सामने आई है, उसमें कई विरोधाभास नजर आते हैं, जो संदेह को जन्म देते हैं। अनिल देशमुख के अनुसार, हादसे से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं समय पर और स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की गईं, जिससे आम जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यह महज एक तकनीकी घटना थी तो इसकी पूरी जानकारी पहले दिन से क्यों नहीं दी गई और संबंधित एजेंसियों ने अब तक विस्तृत रिपोर्ट क्यों नहीं साझा की। देशमुख ने यह भी कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ नेता से जुड़ी घटना होने के कारण इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है, इसलिए इसकी जांच सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय न्यायिक स्तर पर होनी चाहिए।
इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि सच्चाई बिना किसी दबाव के सामने आ सके। उनका कहना है कि न्यायिक जांच से न केवल सभी तथ्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन होगा, बल्कि जनता का भरोसा भी कायम रहेगा। अनिल देशमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और सवाल पूछने वालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। देशमुख के मुताबिक, यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उसे न्यायिक जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा मानकों, प्रोटोकॉल और वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़े नियमों पर भी सवाल खड़े करती हैं, जिनकी समीक्षा जरूरी है। अंत में अनिल देशमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सच को सामने लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी और निष्पक्ष जांच का रास्ता अपनाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगी।
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