पश्चिम बंगाल: 'इस्तीफा देने नहीं जाऊंगी', नतीजों में मिली हार के बाद ममता ने चुनाव आयोग-BJP पर लगाए पांच आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। बाद में अदालत के हस्तक्षेप से कुछ नाम वापस जोड़े गए, लेकिन अभी भी कई नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। इसके अलावा ममता ने चुनाव आयोग और भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
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पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।
'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी'
जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ''मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।'' उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कहती हूं कि हम हारे नहीं हैं। उन्होंने जबरन हमें हराया है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर वो जीते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर मेरी जीत हुई है।
VIDEO | Addressing a press conference after the defeat in the West Bengal Elections 2026, TMC supremo Mamata Banerjee says, "No question of me resigning, we were defeated not by public mandate but by conspiracy." pic.twitter.com/YnU4ixo7Nl
विज्ञापन विज्ञापन— Press Trust of India (@PTI_News) May 5, 2026
हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए 5 बड़े आरोप
- ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया 'आयोग इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है?'
- उन्होंने आरोप लगाया 'चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।'
- 'उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।' इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं।
- उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उन्हें हराने के लिए साजिश रची गई।
- ममता ने कहा 'मैंने अपने जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। मैं 2004 में अकेली थी, लेकिन ऐसा कभी नहीं देखा। 'अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आजाद पंछी हूं।'
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर के अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उन्होंने कहा 'हमें सोमवार को काउंटिंग रूम में नहीं जाने दिया गया। उन्होंने हमारे लोगों और काउंटिंग एजेंट्स को मारना शुरू कर दिया। 200 सीआरपीएफ और बाहर के गुंडों ने मारपीट की। जब मैं वहां पहुंचीं तो मेरी गाड़ी रोकी गई। DEO रणधीर ने पहले ही बता दिया था कि काउंटिंग में खेल होगा। उन्होंने हमारे एजेंट्स को काउंटिंग रूम के अंदर नहीं जाने दिया। मैं कुछ देर बाहर खड़ी रही। उन्होंने मेरे पेट और पीठ पर लात मारी। मुझे धक्का देकर निकाला।'
'लाखों वोट काटे गए' का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि अदालत में जाने के बाद 32 लाख नाम दोबारा जोड़े गए, लेकिन अब भी कई नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनके मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इसमें गंभीर गड़बड़ियां हुईं।
'इंडिया गठबंधन मेरे साथ'
उनके अनुसार, चुनाव से पहले उनके समर्थकों की गिरफ्तारियां की गईं, छापेमारी हुई और कई प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया गया। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन उनके साथ खड़ा है और यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन और अखिलेश यादव सभी ने मुझसे फोन पर बात की। मैंने उन्हें स्पष्ट किया कि मैं इंडी गठबंधन के साथ हूं।'
उन्होंने कहा 'अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएं। तो, वह कल आएंगे। एक-एक करके सब आएंगे। मेरा लक्ष्य बहुत साफ है। मैं INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी, बिल्कुल एक आम आदमी की तरह। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 वर्षों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं। लेकिन अब, मैं एक आजाद पंछी हूं।'