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'PM मोदी अमीरात के लिए अनमोल': इंसानी नातों का जिक्र कर बोलीं मंत्री- UAE-भारत संबंध नई ऊंचाइयां छूने को तैयार

एएनआई, अबू धाबी Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 15 May 2026 03:57 AM IST
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सार

Reem Al Hashimy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 से अपनी पांच देशों की यात्रा शुरू कर रहे हैं, जिसका पहला पड़ाव यूएई है। यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने पीएम मोदी को 'अनमोल खजाना' बताते हुए कहा कि हर अमीराती का भारत से गहरा जुड़ाव है। आइए, विस्तार से जानते हैं इन मंत्री ने भारत और पीएम मोदी को लेकर क्या-क्या कहा...

UAE Minister Reem Al Hashimy ahead of PM Modis visit bilateral trade 200 billion India AI cooperation
यूएई की मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 15 मई 2026 को अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। इस यात्रा का सबसे पहला और अहम पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) है। पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर यूएई में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। वहां की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने इस यात्रा से पहले भारत और यूएई के रिश्तों पर बड़ी बात कही है। उन्होंने दोनों देशों के बीच के मानवीय संबंधों को इतना गहरा बताया कि उनके अनुसार हर अमीराती नागरिक का भारत से किसी न किसी रूप में जुड़ाव जरूर मिल जाएगा।
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यूएई की मंत्री ने भारत और यूएई के रिश्तों को लेकर क्या कहा?
यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत और यूएई के संबंध सिर्फ सरकारों के बीच नहीं, बल्कि जनता के बीच हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि मैं किसी भी अमीराती से पूछूं, तो आप पाएंगे कि उनका भारत के साथ कोई न कोई संबंध जरूर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके खुद के परिवार के सदस्य इलाज के लिए अक्सर भारत जाते हैं और वहां की जड़ी-बूटियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान पर बहुत भरोसा करते हैं। मंत्री के अनुसार, चाहे वह कपड़े हों या मसाले, भारत यूएई की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है।
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व्यापार और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर दोनों देश क्या नया करने जा रहे हैं?
मंत्री ने आर्थिक संबंधों पर चर्चा करते हुए बताया कि दोनों देशों की दोस्ती ने अब 'पहाड़ की चोटी' जैसा मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि 'व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते' के बाद दोनों देशों ने 100 अरब डॉलर के व्यापार का शुरुआती लक्ष्य सफलतापूर्वक पार कर लिया है। अब 'टीम इंडिया' और 'टीम यूएई' मिलकर 200 अरब डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा कि भविष्य की कल्पना एक मजबूत भारत और मजबूत यूएई के बिना नहीं की जा सकती। दोनों देश अब सिर्फ पुराने सामानों का व्यापार नहीं कर रहे, बल्कि आधुनिक युग की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

तकनीक और एआई के क्षेत्र में भारत-यूएई की क्या योजना है?
रीम अल हाशिमी ने आधुनिक तकनीक को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक अब विकास का मुख्य आधार है। यूएई अब भारत के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम तकनीक जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहता है। उनके अनुसार, भारत के पास न केवल तकनीकी क्षमता है, बल्कि एक बड़ा विजन भी है। इसके अलावा, पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे' जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है।



ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या चिंताएं जताई गईं?
वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य पर बात करते हुए मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और पश्चिम एशिया के संघर्षों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऊर्जा को एक 'हथियार' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है। यूएई ने ओपेक से बाहर निकलने का फैसला इसलिए लिया ताकि वह एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी के रूप में अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन कर सके और दुनिया को ऊर्जा आपूर्ति में मदद कर सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहेगा।

पीएम मोदी के व्यक्तित्व को यूएई में किस तरह देखा जाता है?
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएई के नेतृत्व और वहां की जनता के लिए एक 'सच्चा खजाना' करार दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच बहुत करीबी और पुरानी दोस्ती है। इसी साल जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति भारत आए थे और फरवरी में वहां के क्राउन प्रिंस भी एआई समिट में शामिल होने भारत पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी का नियमित रूप से यूएई आना इस ऐतिहासिक साझेदारी को और भी मजबूत बनाता है। यूएई के लोग कल उनके स्वागत के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा का पूरा कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी का यह पांच देशों का दौरा कल 15 मई से शुरू होकर 20 मई 2026 तक चलेगा। यूएई की यात्रा संपन्न करने के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत को दिखाने का भी एक बड़ा मौका है। यूएई इस यात्रा का शुरुआती बिंदु है, जो यह दर्शाता है कि भारत की विदेश नीति में अरब देशों और खासकर यूएई का कितना महत्वपूर्ण स्थान है।


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