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क्या फडणवीस को दरकिनार करने की तैयारी में BJP?: उद्धव ठाकरे ने किया बड़ा दावा, राम मंदिर विवाद पर कही ये बात
Sun, 28 Jun 2026 03:41 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, परभणी
पीटीआई, परभणी
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 28 Jun 2026 03:41 PM IST
सार
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में गए छह लोकसभा सांसदों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की। उन्होंने इस घटनाक्रम को "ऑपरेशन देवेंद्र" नाम देते हुए दावा किया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ठाकरे ने राम मंदिर दान से जुड़े कथित विवाद पर भी भाजपा की आलोचना की और शिंदे पर राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।
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शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह पार्टी सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित किए जाने की मांग की। उन्होंने इन सांसदों के पाला बदलने को एक बड़ी सियासी साजिश का हिस्सा बताया।
परभणी में एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को दलबदल के संबंध में कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व व्यवस्थित रूप से अपने ही राज्य के नेताओं के पंख कतर रहा है।
उद्धव ने क्यों किया 'ऑपरेशन देवेंद्र' का जिक्र?
ठाकरे ने दावा किया कि यह दलबदल एक बड़ी राजनीतिक चाल का हिस्सा है, जिसे उन्होंने "ऑपरेशन देवेंद्र" नाम दिया है। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दरकिनार करना है, ठीक वैसे ही जैसे पार्टी ने अतीत में अन्य नेताओं के साथ किया था। उन्होंने कहा, "लोगों ने यहां (परभणी) मोदी लहर के खिलाफ मतदान किया। अब, जो सांसद उस लहर के खिलाफ जीते थे, वे पाला बदल गए हैं। यह सिर्फ एक विद्रोह नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक चाल है।"
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ये भी पढ़ें: सबरीमाला के सोना विवाद पर घिरी केरल सरकार: मंत्री बोले- 'आलोचना करने वाले राम मंदिर फंड पर भी दें जवाब'
क्या फडणवीस को दरकिनार करने की तैयारी में है भाजपा?
ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व संभावित प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को दरकिनार करता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और सीएम फडणवीस का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस हाल ही में एक हवाई उड़ान के दौरान "असहाय" दिखाई दे रहे थे, क्योंकि "उनके अपने बॉस उनके पंख कतर रहे थे।"
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या बोले उद्धव ठाकरे?
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को "बाबर जनता पार्टी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी राम मंदिर का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। ठाकरे ने कहा, "बाबर ने राम मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। अब एक 'बाबर जनता पार्टी' नव-निर्मित मंदिर को लूटने आई है। उनमें क्या अंतर है?"
ठाकरे ने आरोप लगाया, "राम मंदिर हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मेरा सवाल यह है कि उन्होंने इस मंदिर को दुकान क्यों बना दिया? यह मंदिर एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। पहले भाजपा ने 'मंदिर वहीं बनाएंगे' का नारा दिया था। अब, हम जानते हैं कि वे इस मंदिर का निर्माण क्यों चाहते थे। उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा से विश्वासघात किया है।"
बागी सांसदों को लेकर क्या है आगे की योजना?
उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर इस देश में कानून का शासन है, तो इन छह सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। मुझे अभी भी लोकसभा अध्यक्ष पर विश्वास है, क्योंकि अगर वह कानून का पालन नहीं करेंगे, तो वह दूसरों से इसका पालन करने के लिए नहीं कह सकते। हम उनके अधिकार का सम्मान करते हैं, उनकी इच्छाओं का नहीं।"
शिवसेना (यूबीटी) में कैसे हुई टूट?
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी लोकसभा सांसदों ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की घोषणा की थी। इन सांसदों ने 2024 के आम चुनावों में भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों के खिलाफ जीत हासिल की थी। 2024 में शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सीटें जीती थीं।
एकनाथ शिंदे और बागियों पर लगाए क्या आरोप?
एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री के पास भाजपा-नीत गठबंधन में कोई भविष्य नहीं है और उनका इस्तेमाल करने के बाद उन्हें फेंक दिया जाएगा। उन्होंने बागी सांसदों की संपत्ति के स्रोत पर भी सवाल उठाए, निजी जेट में उनकी यात्राओं का जिक्र किया और किसानों की दुर्दशा की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने खासतौर से पिछले साल की फसल क्षति के बाद परभणी की अपनी यात्रा को याद किया और आरोप लगाया कि बागी सांसद संजय जाधव अनुपस्थित थे।
वैचारिक निष्ठा पर उद्धव ने दिया क्या जवाब?
ठाकरे ने इस दावे का खंडन किया कि उनका गुट बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटक गया है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में भाजपा की दो सीटों की तुलना में चार लोकसभा सीटें जीतीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने 1987 के विले पार्ले उपचुनाव के बाद ही हिंदुत्व को अपनाया था, इससे पहले वह गांधीवादी समाजवाद का पालन करती थी और बाबरी मस्जिद विध्वंस से खुद को दूर रखती थी।
ये भी पढ़ें: पुणे हत्याकांड: केतन की मां ने मांगी फांसी, अपनो ने भी छोड़ा साथ; चेतन को पाने की हसरत में सबकुछ हारी सिया
ठाकरे ने किससे की आत्मनिरीक्षण की अपील?
अपनी पार्टी के संघर्षों को लेकर आलोचना का जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा, "मेरी आलोचना की जाती है और मुझसे आत्मनिरीक्षण करने के लिए कहा जाता है कि मेरी पार्टी क्यों पीड़ित है। आत्मनिरीक्षण केवल उद्धव ठाकरे द्वारा नहीं, बल्कि हर किसी द्वारा किया जाना चाहिए, जिसमें मेरी आलोचना करने वाले भी शामिल हैं। हमारी पार्टी के विभाजन से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोई भी यह आत्मनिरीक्षण क्यों नहीं कर रहा है कि यह मामला अभी तक लंबित क्यों है?"
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परभणी में एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को दलबदल के संबंध में कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व व्यवस्थित रूप से अपने ही राज्य के नेताओं के पंख कतर रहा है।
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उद्धव ने क्यों किया 'ऑपरेशन देवेंद्र' का जिक्र?
ठाकरे ने दावा किया कि यह दलबदल एक बड़ी राजनीतिक चाल का हिस्सा है, जिसे उन्होंने "ऑपरेशन देवेंद्र" नाम दिया है। उनका आरोप है कि इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दरकिनार करना है, ठीक वैसे ही जैसे पार्टी ने अतीत में अन्य नेताओं के साथ किया था। उन्होंने कहा, "लोगों ने यहां (परभणी) मोदी लहर के खिलाफ मतदान किया। अब, जो सांसद उस लहर के खिलाफ जीते थे, वे पाला बदल गए हैं। यह सिर्फ एक विद्रोह नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक चाल है।"
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क्या फडणवीस को दरकिनार करने की तैयारी में है भाजपा?
ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व संभावित प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को दरकिनार करता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और सीएम फडणवीस का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस हाल ही में एक हवाई उड़ान के दौरान "असहाय" दिखाई दे रहे थे, क्योंकि "उनके अपने बॉस उनके पंख कतर रहे थे।"
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या बोले उद्धव ठाकरे?
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को "बाबर जनता पार्टी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी राम मंदिर का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। ठाकरे ने कहा, "बाबर ने राम मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। अब एक 'बाबर जनता पार्टी' नव-निर्मित मंदिर को लूटने आई है। उनमें क्या अंतर है?"
ठाकरे ने आरोप लगाया, "राम मंदिर हिंदुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मेरा सवाल यह है कि उन्होंने इस मंदिर को दुकान क्यों बना दिया? यह मंदिर एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। पहले भाजपा ने 'मंदिर वहीं बनाएंगे' का नारा दिया था। अब, हम जानते हैं कि वे इस मंदिर का निर्माण क्यों चाहते थे। उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा से विश्वासघात किया है।"
बागी सांसदों को लेकर क्या है आगे की योजना?
उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर इस देश में कानून का शासन है, तो इन छह सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। मुझे अभी भी लोकसभा अध्यक्ष पर विश्वास है, क्योंकि अगर वह कानून का पालन नहीं करेंगे, तो वह दूसरों से इसका पालन करने के लिए नहीं कह सकते। हम उनके अधिकार का सम्मान करते हैं, उनकी इच्छाओं का नहीं।"
शिवसेना (यूबीटी) में कैसे हुई टूट?
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी लोकसभा सांसदों ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की घोषणा की थी। इन सांसदों ने 2024 के आम चुनावों में भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों के खिलाफ जीत हासिल की थी। 2024 में शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र में नौ लोकसभा सीटें जीती थीं।
एकनाथ शिंदे और बागियों पर लगाए क्या आरोप?
एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री के पास भाजपा-नीत गठबंधन में कोई भविष्य नहीं है और उनका इस्तेमाल करने के बाद उन्हें फेंक दिया जाएगा। उन्होंने बागी सांसदों की संपत्ति के स्रोत पर भी सवाल उठाए, निजी जेट में उनकी यात्राओं का जिक्र किया और किसानों की दुर्दशा की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने खासतौर से पिछले साल की फसल क्षति के बाद परभणी की अपनी यात्रा को याद किया और आरोप लगाया कि बागी सांसद संजय जाधव अनुपस्थित थे।
वैचारिक निष्ठा पर उद्धव ने दिया क्या जवाब?
ठाकरे ने इस दावे का खंडन किया कि उनका गुट बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटक गया है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में भाजपा की दो सीटों की तुलना में चार लोकसभा सीटें जीतीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने 1987 के विले पार्ले उपचुनाव के बाद ही हिंदुत्व को अपनाया था, इससे पहले वह गांधीवादी समाजवाद का पालन करती थी और बाबरी मस्जिद विध्वंस से खुद को दूर रखती थी।
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ठाकरे ने किससे की आत्मनिरीक्षण की अपील?
अपनी पार्टी के संघर्षों को लेकर आलोचना का जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा, "मेरी आलोचना की जाती है और मुझसे आत्मनिरीक्षण करने के लिए कहा जाता है कि मेरी पार्टी क्यों पीड़ित है। आत्मनिरीक्षण केवल उद्धव ठाकरे द्वारा नहीं, बल्कि हर किसी द्वारा किया जाना चाहिए, जिसमें मेरी आलोचना करने वाले भी शामिल हैं। हमारी पार्टी के विभाजन से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोई भी यह आत्मनिरीक्षण क्यों नहीं कर रहा है कि यह मामला अभी तक लंबित क्यों है?"