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ऐतिहासिक कदम: शाह आज करेंगे गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले अत्याधुनिक पोतों का लोकार्पण, मछुआरों को नई ताकत
Mon, 27 Oct 2025 05:20 AM IST
लव गौर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Mon, 27 Oct 2025 05:20 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री अमित शाह आज मुंबई के मझगांव डॉक पर गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले अत्याधुनिक पोतों का लोकार्पण करेंगे।
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : @BJP4India
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विस्तार
गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को मुंबई के मझगांव डॉक पर गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले अत्याधुनिक पोतों का लोकार्पण करेंगे। यह पहल समुद्री मत्स्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सहकारी मॉडल के तहत तटीय विकास को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा कदम
इस अवसर पर लाभार्थियों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाजों की चाबियां सौंपी जाएंगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और ब्लू इकोनॉमी के सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
प्रति इकाई लागत 1.2 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत यह पोत लाभार्थियों को दिए जा रहे हैं, जिनकी प्रति इकाई लागत 1.2 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) और मत्स्य विभाग का संयुक्त वित्तीय सहयोग है। इस योजना का उद्देश्य भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र और दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों के दोहन की क्षमता को बढ़ाना है।
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नई पहल से इन सीमाओं का विस्तार
पारंपरिक रूप से भारतीय मछुआरे 40 से 60 समुद्री मील तक सीमित क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं, जिससे उत्पादन और आय सीमित रही है। नई पहल से इन सीमाओं का विस्तार होगा और उच्च मूल्य वाली मछलियों जैसे टूना के निर्यात में वृद्धि की संभावना है।
'भारत समुद्री सप्ताह 2025' का आयोजन
भारत की समुद्री क्षमता और ब्लू इकोनॉमी को सशक्त करने के लिए मुंबई में 'भारत समुद्री सप्ताह 2025' का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह 10:30 बजे नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में करेंगे। यह आयोजन पांच दिनों तक चलेगा, जो कि 27 से 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय बंदरगाह संघ और बंदरगाह, जहाजरानी व जलमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है।
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आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा कदम
इस अवसर पर लाभार्थियों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाजों की चाबियां सौंपी जाएंगी। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और ब्लू इकोनॉमी के सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।
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प्रति इकाई लागत 1.2 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत यह पोत लाभार्थियों को दिए जा रहे हैं, जिनकी प्रति इकाई लागत 1.2 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) और मत्स्य विभाग का संयुक्त वित्तीय सहयोग है। इस योजना का उद्देश्य भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र और दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में मत्स्य संसाधनों के दोहन की क्षमता को बढ़ाना है।
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नई पहल से इन सीमाओं का विस्तार
पारंपरिक रूप से भारतीय मछुआरे 40 से 60 समुद्री मील तक सीमित क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं, जिससे उत्पादन और आय सीमित रही है। नई पहल से इन सीमाओं का विस्तार होगा और उच्च मूल्य वाली मछलियों जैसे टूना के निर्यात में वृद्धि की संभावना है।
'भारत समुद्री सप्ताह 2025' का आयोजन
भारत की समुद्री क्षमता और ब्लू इकोनॉमी को सशक्त करने के लिए मुंबई में 'भारत समुद्री सप्ताह 2025' का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह 10:30 बजे नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में करेंगे। यह आयोजन पांच दिनों तक चलेगा, जो कि 27 से 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय बंदरगाह संघ और बंदरगाह, जहाजरानी व जलमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है।