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असम में अजान पर विवाद: भाजपा विधायक दिगंता कलिता बोले- आस्था अपनी जगह; लाउडस्पीकर का इस्तेमाल अनिवार्य नहीं
एएनआई, गुवाहाटी।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 18 May 2026 03:41 PM IST
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सार
धार्मिक स्वतंत्रता के साथ सार्वजनिक नियमों का पालन अब अनिवार्य होता जा रहा है। असम में लाउडस्पीकर की तेज आवाज और यूपी में सड़कों पर नमाज के खिलाफ अब फिर से सवाल उठने लगे हैं। भाजपा विधायक दिगंता कलिता ने लाउडस्पीकर पर नमाज का विरोध किया है। उन्होंने क्या-क्या कहा है? खबर में जानिए...
दिगंता कलिता, भाजपा विधायक
- फोटो : @ANI
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विस्तार
सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर देश के दो बड़े राज्यों में हलचल तेज हो गई है। असम में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक दिगंता कलिता ने अजान के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को सीमित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे विधानसभा और विधायक हॉस्टल क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न होता है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक व्यवस्था और आम जनता की सुविधा को सर्वोपरि बताया है।
असम विधानसभा के पास लाउडस्पीकर से दिक्कत
असम के कमालपुर विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दिगंता कलिता ने सोमवार को यह मुद्दा उठाया। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए साफ किया कि वे अजान के विरोधी नहीं हैं। उनका विरोध सिर्फ लाउडस्पीकर के अत्यधिक शोर से है। कलिता ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से विधायक हॉस्टल में रह रहे हैं। वहां पास की एक मस्जिद से सुबह से शाम तक पांच बार लाउडस्पीकर पर अजान होती है। इस तेज आवाज के कारण वहां रहने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कानूनी प्रावधानों का अध्ययन कर रहे विधायक
विधायक दिगंता कलिता इस मामले में अब कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे इस विषय पर अदालती फैसलों और कानूनी प्रावधानों का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। वे जल्द ही इस पूरे मामले को असम सरकार के समक्ष उठाएंगे। कलिता का मानना है कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन इसके लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना अनिवार्य नहीं है। इससे दूसरों को होने वाली असुविधा को रोका जाना चाहिए।
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यह भी पढ़ें: केरल का नया मंत्रिमंडल: कांग्रेस के सहयोगी दल के नेता सबसे अमीर मंत्री, इस कैबिनेट सदस्य पर 68 आपराधिक मामले
यूपी में सड़क पर नमाज नहीं: सीएम योगी
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी एक बड़ा बयान सामने आया है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब सड़कों पर नमाज नहीं होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़कें केवल यातायात और आवागमन के लिए हैं। किसी को भी चौराहे पर तमाशा खड़ा करने या ट्रैफिक जाम करने का अधिकार नहीं है। आम जनता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन अपनाएगा सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का नियम कानून का नियम है। यह नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नमाजियों की संख्या अधिक है, तो वे अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं। लोग अपने घरों या धार्मिक स्थलों के अंदर जगह का प्रबंधन करें। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि प्रशासन पहले प्यार से समझाएगा। यदि कोई प्यार से नहीं मानेगा, तो कानून का पालन कराने के लिए अन्य तरीके अपनाए जाएंगे।
असम विधानसभा के पास लाउडस्पीकर से दिक्कत
असम के कमालपुर विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दिगंता कलिता ने सोमवार को यह मुद्दा उठाया। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए साफ किया कि वे अजान के विरोधी नहीं हैं। उनका विरोध सिर्फ लाउडस्पीकर के अत्यधिक शोर से है। कलिता ने कहा कि वे पिछले पांच वर्षों से विधायक हॉस्टल में रह रहे हैं। वहां पास की एक मस्जिद से सुबह से शाम तक पांच बार लाउडस्पीकर पर अजान होती है। इस तेज आवाज के कारण वहां रहने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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कानूनी प्रावधानों का अध्ययन कर रहे विधायक
विधायक दिगंता कलिता इस मामले में अब कानूनी रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे इस विषय पर अदालती फैसलों और कानूनी प्रावधानों का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। वे जल्द ही इस पूरे मामले को असम सरकार के समक्ष उठाएंगे। कलिता का मानना है कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन इसके लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना अनिवार्य नहीं है। इससे दूसरों को होने वाली असुविधा को रोका जाना चाहिए।
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यूपी में सड़क पर नमाज नहीं: सीएम योगी
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी एक बड़ा बयान सामने आया है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब सड़कों पर नमाज नहीं होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़कें केवल यातायात और आवागमन के लिए हैं। किसी को भी चौराहे पर तमाशा खड़ा करने या ट्रैफिक जाम करने का अधिकार नहीं है। आम जनता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन अपनाएगा सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का नियम कानून का नियम है। यह नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नमाजियों की संख्या अधिक है, तो वे अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ सकते हैं। लोग अपने घरों या धार्मिक स्थलों के अंदर जगह का प्रबंधन करें। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि प्रशासन पहले प्यार से समझाएगा। यदि कोई प्यार से नहीं मानेगा, तो कानून का पालन कराने के लिए अन्य तरीके अपनाए जाएंगे।