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‘वंदे मातरम’ पर घमासान: भाजपा बोली- राष्ट्रगीत का विरोध दिमागी नक्सल इकोसिस्टम की सोच; राहुल-सोनिया को घेरा

Sun, 16 Aug 2026 01:27 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 16 Aug 2026 01:27 PM IST
सार

‘वंदे मातरम’ गायन को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में हुए विवाद के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर ‘वंदे मातरम’ का विरोध करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘अर्बन नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली सोच बताया। 

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Uproar over Vande Mataram BJP terms opposition to product of Urban Naxal ecosystem targets Rahul and Sonia
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर हुए विवाद पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस पार्टी की रैलियों या उसके समर्थकों की ओर से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए, तब हमने उनके नेताओं को कभी इतनी परेशानी या गुस्सा जाहिर करते नहीं देखा। सोनिया गांधी सिर्फ परेशान या नाराज नहीं थीं, बल्कि उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया दी, जैसे कोई अपराध हो गया हो। उनके दिल देश के लिए नहीं धड़कते। इसके बजाय, वे चरमपंथी ताकतों के लिए धड़कते हैं।”

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‘वंदे मातरम’ का विरोध करने वालों पर निशाना
भंडारी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का विरोध सिर्फ वे लोग कर सकते हैं, जिनकी सोच ‘अर्बन नक्सल’ इकोसिस्टम वाली है। ‘वंदे मातरम’ के गायन का विरोध करके कांग्रेस ने न सिर्फ स्वतंत्रता सेनानियों का, बल्कि संविधान, देश की संप्रभुता और अखंडता तथा इसके 140 करोड़ नागरिकों का भी अपमान किया है।
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क्या कोई देशभक्त ‘वंदे मातरम’ से नाराज हो सकता है?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं एक बहुत बुनियादी सवाल पूछना चाहता हूं: क्या कोई देशभक्त, कोई भी भारतीय जो संविधान में विश्वास करता है, भारतीय तिरंगे और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करता है और भारत की संप्रभुता व अखंडता में विश्वास रखता है, वह कभी स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम’ के गायन से नाराज या परेशान हो सकता है? क्या कोई इसका विरोध करेगा? कोई देशभक्त ऐसा नहीं करेगा।
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‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली सोच का लगाया आरोप
भंडारी ने आगे कहा कि सिर्फ ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली सोच रखने वाले लोग ही ‘वंदे मातरम’ का विरोध कर सकते हैं। हमने कल यह सोच तब देखी, जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था और कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इसका विरोध किया। स्वतंत्रता दिवस पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी द्वारा ‘वंदे मातरम’ का विरोध ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली सोच की ओर इशारा करता है।'


ये भी पढ़ें: ‘दिमागी नक्सल’ पर सियासी संग्राम: चिदंबरम बोले- ‘मुझे गर्व है’; पीएम मोदी ने सावधान रहने के लिए कहा था

कांग्रेस पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर हमला
बीजेपी प्रवक्ता ने अपने आरोपों के जरिए कांग्रेस पर राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का विरोध स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ संविधान, देश की संप्रभुता और अखंडता तथा देश के नागरिकों का अपमान है। हालांकि, भंडारी के ये आरोप बीजेपी के राजनीतिक हमले के तौर पर सामने आए हैं।

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