फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   US Secretary of State Marco Rubio India Visit Mumbai Jamnagar diesel crisis in Midterm Election explainer

एक्सप्लेनर: अमेरिकी विदेश मंत्री का चार महीने बाद दूसरा भारत दौरा, दिल्ली छोड़ मुंबई-जामनगर दौरे की क्या वजह?

Mon, 19 Oct 2026 09:50 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 19 Oct 2026 09:50 AM IST
सार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे पर दिल्ली के बजाय मुंबई और जामनगर जा रहे हैं। जानिए अमेरिका में डीजल संकट, जामनगर रिफाइनरी और भारत में छिड़े सियासी विवाद की पूरी वजह।

विज्ञापन
US Secretary of State Marco Rubio India Visit Mumbai Jamnagar diesel crisis in Midterm Election explainer
मार्को रूबियो का भारत दौरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार (19 अक्तूबर) से अपना भारत दौरा शुरू कर रहे हैं। यह रूबियो का चार महीने दूसरा भारत दौरा है। हालांकि, इस बार दौरे में जो एक बदलाव है, वह यह कि रूबियो दिल्ली नहीं पहुंचेंगे। इस बार उनके कार्यक्रम में मुंबई और जामनगर शामिल हैं। इस तरह दिल्ली को छोड़कर देश की आर्थिक राजधानी और गुजरात के एक छोटे शहर जाने के अमेरिकी विदेश मंत्री के फैसले ने कौतूहल पैदा किया है। इसे लेकर भारत में विपक्ष की तरफ से भी सवाल उठाए गए हैं। 
विज्ञापन


ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर मार्को रूबियो चार महीने बाद दूसरी बार भारत क्यों आ रहे हैं? इस दौरे पर उनका कार्यक्रम और एजेंडा क्या रहने वाला है? रूबियो इस बार दिल्ली की जगह मुंबई और जामनगर का दौरा क्यों कर रहे हैं? इसे लेकर भारत में सियासी स्तर पर क्या विवाद हुआ है? रूबियो का यह दौरा क्यों अहम है और इसका दोनों देशों के रिश्ते पर क्या असर हो सकता है? आइये जानते हैं...
विज्ञापन
Trending Videos

मार्को रूबियो चार महीने बाद भारत क्यों आ रहे?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इसी साल मई के अंत में भारत आए थे और अब चार महीने बाद ही अपनी दूसरी भारत यात्रा पर आ रहे हैं। इस बार उनका एजेंडा मुख्य रूप से ऊर्जा सहयोग, व्यापारिक संबंधों और अमेरिका में गहराते डीजल संकट के समाधान के सिलसिले में आ रहे हैं। 
 
विज्ञापन

रूबियो के भारत दौरे का एजेंडा क्या?

  • अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले डीजल और ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी प्रशासन अपने देश में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने और संकट को दूर करने के लिए भारत की विशाल तेल-शोधन क्षमता में रुचि दिखा रहा है।
  • रूबियो गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा कर रहे हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट तेल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है। इसके साथ ही, रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में पिछले 50 वर्षों की पहली नई अमेरिकी रिफाइनरी परियोजना में बड़ा निवेश कर रही है।
  • भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में रुकावट आई है और रूसी तेल खरीद व टैरिफ जैसे मुद्दों पर तनाव रहा है। रूबियो मुंबई में प्रमुख व्यापारिक नेताओं से मिलकर वाणिज्यिक निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसरों की तलाश करेंगे।
  • रूबियो मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे, जहां दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय व वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा होगी।
विज्ञापन

रूबियो इस बार दिल्ली की जगह मुंबई और जामनगर का दौरा क्यों कर रहे हैं? 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की इस बार की भारत यात्रा कूटनीतिक बैठकों के पारंपरिक केंद्र दिल्ली से हटकर देश की आर्थिक राजधानी- मुंबई और रिलायंस के तेल रिफाइनरी केंद्र जामनगर के लिए तय है। यानी रूबियो के इस दौरे का लक्ष्य मुख्य रूप से व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और कॉर्पोरेट निवेश पर केंद्रित है। 

1. मुंबई में व्यापार और आर्थिक प्राथमिकताओं पर फोकस 
मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी है, जहां रूबियो का ध्यान सीधे कॉर्पोरेट जगत के प्रमुखों और वित्तीय संस्थानों के साथ वाणिज्यिक निवेश को बढ़ावा देने पर है। इसके अलावा, मुंबई में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ा एक कार्यक्रम भी आयोजित है, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

2. जामनगर में अमेरिकी डीजल संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले डीजल और ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे ट्रंप प्रशासन पर घरेलू दबाव है। गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज का रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट तेल शोधन केंद्र है। जामनगर की विशाल रिफाइनिंग क्षमता से तैयार डीजल आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय बाजार और अमेरिका में ईंधन संकट को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

3. टेक्सास रिफाइनरी प्रोजेक्ट और वेनेजुएला के तेल की जरूरत
रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास स्थित ब्राउन्सविल में पिछले 50 वर्षों की पहली नई अमेरिकी रिफाइनरी परियोजना में बड़ा निवेश कर रही है। इसके साथ ही रिलायंस अमेरिका के बाहर वेनेजुएला के कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है, जो अमेरिका की ऊर्जा कूटनीति का प्रमुख हिस्सा है।

यह यात्रा दर्शाती है कि इस समय वॉशिंगटन के लिए नीतिगत बैठकों की तुलना में ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक सौदे और व्यावसायिक साझेदारी अधिक प्राथमिकता पर हैं।


भारत में सियासी स्तर पर क्या विवाद हुआ है?

1. विपक्ष ने जताई आपत्ति
मार्को रूबियो की इस यात्रा को लेकर भारत में राजनीतिक प्रोटोकॉल को लेकर एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विवाद तब शुरू हुआ जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वॉशिंगटन को 'उम्मीद' है कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूबियो से मिलने मुंबई आएंगे। विपक्ष ने इसे भारत की संप्रभुता और विदेश मंत्री के पद का अपमान माना।

US Secretary of State Marco Rubio India Visit Mumbai Jamnagar diesel crisis in Midterm Election explainer
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पवन खेड़ा। - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने अमेरिकी राजदूत के उस बयान को असाधारणबताया, जिसमें राजदूत ने कहा था कि अमेरिका उम्मीद करता है कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूबियो से मिलने मुंबई की यात्रा करेंगे।

इतना ही नहीं पूर्व राजनयिकों ने भी इस व्यवस्था को असामान्य बताया है। उनके मुताबिक, जब कोई विदेशी समकक्ष या विदेश मंत्री आधिकारिक यात्रा पर आता है, तो प्रोटोकॉल के तहत मुख्य कूटनीतिक और द्विपक्षीय वार्ताएं राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ही होती हैं।

ये भी पढ़ें: भारत आ रहे हैं विदेश मंत्री रूबियो: जामनगर की रिफाइनरी पर अमेरिका की नजर, ऊर्जा सहयोग को लेकर क्या है तैयारी?


विदेश मंत्रालय ने विपक्ष की आपत्ति पर क्या कहा?

  • भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि पिछले एक दशक से विशिष्ट व्यावसायिक और क्षेत्रीय कार्यक्रमों के सिलसिले में विदेशी प्रतिनिधियों की बैठकें नई दिल्ली के बाहर आयोजित करना एक सामान्य प्रक्रिया रही है।
  • विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जयशंकर मुंबई में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं, जहाँ उनकी रूबियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी तय की गई है।

US Secretary of State Marco Rubio India Visit Mumbai Jamnagar diesel crisis in Midterm Election explainer
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। - फोटो : अमर उजाला

रूबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से क्यों अहम? 

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की यह भारत यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से कई रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा-संबंधी कारणों से बेहद अहम माना जा रहा है।

1. सतही तनावों के बावजूद रणनीतिक मजबूती का संकेत
अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी एंडाओमेट के मुताबिक, वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताएं रुकी हैं या धीमी पड़ी हुई हैं, टैरिफ व रूसी तेल खरीद पर मतभेद रहे हैं, और हाल ही में भारतीय आईटी कंपनियों पर अमेरिकी वीजा पाबंदियों (पीईआरएम/ एच-1बी) का असर पड़ा है।

इन सार्वजनिक विवादों के बावजूद रक्षा-औद्योगिक संबंधों, अंतरिक्ष (NISAR उपग्रह), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। यह दौरा दर्शाता है कि राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद दोनों देश अपने बुनियादी रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

2. ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अहम भूमिका
अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले डीजल और ईंधन की रिकॉर्ड कीमतों के कारण ट्रंप प्रशासन दबाव में है। जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट तेल शोधन केंद्र है। भारत की विशाल रिफाइनिंग क्षमता अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल आपूर्ति को स्थिर करने और ईंधन संकट को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में पिछले 50 वर्षों की पहली नई अमेरिकी रिफाइनरी में बड़ा निवेश कर रही है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऊर्जा कूटनीति और द्विपक्षीय निवेश के नए आयामों को दर्शाती है।

3. वाणिज्यिक निवेश और कॉर्पोरेट संबंधों पर केंद्रित दृष्टिकोण
पारंपरिक नीतिगत कूटनीति के साथ-साथ यह दौरा मुख्य रूप से वाणिज्यिक निवेश, उद्योगपतियों से बैठकों और व्यापारिक साझेदारियों पर केंद्रित है। मुंबई और जामनगर में व्यावसायिक हस्तियों से मुलाकात के जरिए दोनों देश व्यापारिक गतिरोधों के बीच आर्थिक व वित्तीय संबंधों को नई गति देने का प्रयास कर रहे हैं।

4. रक्षा-क्रिटिकल तकनीक में सहयोग
विश्लेषकों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ताओं में रक्षा-औद्योगिक समन्वय, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जैसे प्रमुख रणनीतिक विषय शामिल हैं।

संक्षेप में, यह दौरा दिखाता है कि भारत-अमेरिका साझेदारी केवल पारंपरिक कूटनीतिक समझौतों तक सीमित न रहकर ऊर्जा सुरक्षा, वाणिज्यिक निवेश और दीर्घकालिक रणनीतिक हितों के इर्द-गिर्द अधिक व्यावहारिक और मजबूत हो रही है। खासकर ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर अब भारत निर्भर न होकर दूसरे देशों को निर्भर करने वाली ताकत के तौर पर उभर रहा है, जिसकी रिफाइनिंग क्षमता की जरूरत अब दुनिया को पड़ने लगी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed