सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   VCK chief Thirumavalavan will not contest the Tiruchirapalli by-election, saying he has no desire for a minist

Tamil Nadu: तिरुचिरापल्ली उपचुनाव नहीं लड़ेंगे वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन, कहा- मंत्री पद की कोई इच्छा नहीं

पीटीआई, चेन्नई Published by: Asmita Tripathi Updated Tue, 02 Jun 2026 12:20 PM IST
विज्ञापन
सार

 वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने तिरुचिरापल्ली उपचुनाव से पहले बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा है कि वह तिरुचिरापल्ली चुनाव नहीं लड़ेंगे। मंत्री पद की कोई इच्छा नहीं है। 

VCK chief Thirumavalavan will not contest the Tiruchirapalli by-election, saying he has no desire for a minist
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें टीवीके मंत्रिमंडल में मंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। इसकी घोषणा उन्होंने मंगलवार को की है। यह बयान उन अटकलों के बाद आया है कि टीवीके के सहयोगी नेता तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से विधानसभा में पहुंच जाएंगे। विजय ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में जीता था। दो सीटों पर जीत के बाद, विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट खाली कर दी। वहीं, चेन्नई में पेरम्बूर सीट बरकरार रखी।


 

'न ही किसी से प्रभावित होऊंगा'

थिरुमावलवन ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'मैं यह बात सौ प्रतिशत कह रहा हूं कि मैं किसी भी उपचुनाव में चुनाव नहीं लड़ूंगा और न ही किसी से प्रभावित होऊंगा।' उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें चुनाव आयोग के मानदंडों के अनुसार विजय द्वारा खाली की गई सीट से चुनाव लड़ने का मौका दिया गया था और उनकी जीत पर मंत्री पद का वादा किया गया था। उन्होंने आगे कहा, 'मैंने अपनी ओर से इसे नकार दिया है और मैं इस प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री विजय को धन्यवाद देता हूं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें- DK शिवकुमार को याद आए राजीव गांधी: सोनिया, राहुल-प्रियंका का भी जिक्र; CM बनने से पहले लिखा भावुक संदेश

विज्ञापन
Trending Videos


टीवीके को सरकार बनाने में समर्थन दिया था

थिरुमावलवन की वीसीके ने वामपंथी दलों और आईयूएमएल के साथ मिलकर विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को सरकार बनाने में समर्थन दिया था, जबकि कांग्रेस ने चुनाव के बाद हुए समझौते में तमिलगा वेट्री कजगम का साथ दिया था। कांग्रेस के अलावा, वीसीके और आईयूएमएल के विधायकों को भी नवगठित सरकार में जगह दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से परामर्श करने के बाद ही उन्होंने टीवीके को अपना समर्थन दिया था। इस बात पर जोर दिया कि यह समर्थन मुख्य रूप से तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन के कार्यान्वयन को रोकने के लिए था।


'चुनाव से पहले मैं विजय का सबसे कड़ा आलोचक'

वीसीके प्रमुख ने कहा, 'चुनाव से पहले मैं विजय का सबसे कड़ा आलोचक रहा हूं। उन पर अल्पसंख्यक वोटों को बांटने और धर्मनिरपेक्ष प्रगति गठबंधन की प्रगति में बाधा डालने का आरोप भी लगाया था।" उन्होंने टीवीके के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि उन्हें सत्ता का लालच नहीं है। वह हमेशा डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में भूमिका पाने के लिए उन्हें विधायक बनने की जरूरत नहीं है।

यह भी पढ़ें-भारत में इबोला का कोई केस नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, जानें क्या सावधानियां बरतने की दी सलाह

उन्होंने पहले ही टीवीके प्रमुख को अपने फैसले से अवगत करा दिया है और कहा है कि डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए उन्होंने इस साल अप्रैल में कट्टुमन्नारकोइल से चुनाव लड़ने के लिए कहे जाने पर पहले ही अपना नाम वापस ले लिया था।अपने चुनाव लड़ने को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए, थिरुमावलवन ने कहा कि वह जनता, सामाजिक न्याय और वैचारिक अखंडता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और जनता से उपचुनाव लड़ने को लेकर किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed