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वेनेजुएला के भूकंप पर पीएम मोदी का बयान: संवेदनाएं जताकर बोले प्रधानमंत्री, भारत करेगा हरसंभव मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 25 Jun 2026 10:18 AM IST
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सार
वेनेजुएला में आए घातक भूकंप के बाद दुनिया भर के देशों ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। भारत की तरफ से पीएम मोदी ने वेनेजुएला में हुई तबाही पर संवेदना व्यक्त की और वेनेजुएला की सरकार की हरसंभव मदद का एलान किया है।
पीएम मोदी ने वेनेजुएला के भूकंप से हुई तबाही पर हरसंभव मदद की बात कही।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वेनेजुएला में आए भूकंप से हुई भारी तबाही से पूरी दुनिया में चिंता और सहानुभूति की लहर दिखाई दे रही है। भारत ने भी इस पर चिंता जाहिर की और वेनेजुएला की सरकार को हरसंभव मदद का एलान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने वेनेजुएला में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि भारत, हरसंभव मदद के लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में क्या कहा?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं बेहद दुखी हूं। भारत की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता, खासकर उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और मुश्किल समय में सभी पीड़ितों के प्रति एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव मदद देने के लिए तत्पर है।'
सोशल मीडिया पर समर्थन की बाढ़
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर दुनियाभर से संवेदनाएं और समर्थन संदेश आने लगे। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने वेनेजुएला के लोगों के लिए प्रार्थना करते हुए हिम्मत बनाए रखने की अपील की। वहीं, अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा कि उनका देश इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने लिखा, 'हम अपनी एकजुटता और प्रार्थनाएं आपके साथ भेजते हैं। मजबूत बने रहिए, वेनेजुएला।' फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद मारिया एलवीरा सालाजार ने भी प्रभावित परिवारों, लापता लोगों के परिजनों और राहतकर्मियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
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दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहला वेनेजुएला
वेनेजुएला, बुधवार शाम दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहल गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप के पहले झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 रही, इसके 39 सेकेंड बाद ही दूसरा झटका लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 रही। भूकंप का केंद्र देश के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में, कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। इसकी गहराई 22 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि उनका असर लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राज़ील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया। भूकंप में हुई जान-माल के नुकसान की अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आशंका है कि इसमें हजारों लोग मारे गए हैं।
देर रात राष्ट्र के नाम संक्षिप्त संबोधन में कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि कई राज्यों में नुकसान हुआ है, हालांकि उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों, इमारतों, घायलों या मृतकों की संख्या साझा नहीं की। उन्होंने बताया कि देश के प्रमुख हवाई अड्डे सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते उसे बंद करना पड़ा। साथ ही, कई दिनों तक स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
वेनेजुएला में दुर्लभ हैं शक्तिशाली भूकंप
वेनेजुएला भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाका है और यह उच्च जोखिम वाले सीस्मिक जोन में आता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह देश दो टेक्टोनिक प्लेटों कैरिबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच में स्थित है, जिससे यहां लगातार भूकंप का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला कई फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी और कैरेबियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच इसकी स्थिति के कारण यहां लैटिन अमेरिका के अन्य हिस्सों की तुलना में बड़े भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं। इसके विपरीत, मेक्सिको और चिली जैसे देश प्रशांत महासागर के किनारे स्थित 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में आते हैं, जहां दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं।
वेनेजुएला की सरकार ने हालात को देखते हुए देश में आपातकाल लागू कर दिया है। सभी आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और भूकंप से हुए नुकसान की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या का पता लगाया जा रहा है और शुरुआती जांच के आधार पर कहा जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा हजारों में जा सकता है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में क्या कहा?
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं बेहद दुखी हूं। भारत की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता, खासकर उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और मुश्किल समय में सभी पीड़ितों के प्रति एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव मदद देने के लिए तत्पर है।'
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सोशल मीडिया पर समर्थन की बाढ़
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर दुनियाभर से संवेदनाएं और समर्थन संदेश आने लगे। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने वेनेजुएला के लोगों के लिए प्रार्थना करते हुए हिम्मत बनाए रखने की अपील की। वहीं, अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा कि उनका देश इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने लिखा, 'हम अपनी एकजुटता और प्रार्थनाएं आपके साथ भेजते हैं। मजबूत बने रहिए, वेनेजुएला।' फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद मारिया एलवीरा सालाजार ने भी प्रभावित परिवारों, लापता लोगों के परिजनों और राहतकर्मियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहला वेनेजुएला
वेनेजुएला, बुधवार शाम दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहल गया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप के पहले झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.2 रही, इसके 39 सेकेंड बाद ही दूसरा झटका लगा, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 रही। भूकंप का केंद्र देश के कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में, कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। इसकी गहराई 22 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि उनका असर लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राज़ील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया। भूकंप में हुई जान-माल के नुकसान की अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आशंका है कि इसमें हजारों लोग मारे गए हैं।
देर रात राष्ट्र के नाम संक्षिप्त संबोधन में कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि कई राज्यों में नुकसान हुआ है, हालांकि उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों, इमारतों, घायलों या मृतकों की संख्या साझा नहीं की। उन्होंने बताया कि देश के प्रमुख हवाई अड्डे सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते उसे बंद करना पड़ा। साथ ही, कई दिनों तक स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
वेनेजुएला में दुर्लभ हैं शक्तिशाली भूकंप
वेनेजुएला भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाका है और यह उच्च जोखिम वाले सीस्मिक जोन में आता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह देश दो टेक्टोनिक प्लेटों कैरिबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच में स्थित है, जिससे यहां लगातार भूकंप का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला कई फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी और कैरेबियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच इसकी स्थिति के कारण यहां लैटिन अमेरिका के अन्य हिस्सों की तुलना में बड़े भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं। इसके विपरीत, मेक्सिको और चिली जैसे देश प्रशांत महासागर के किनारे स्थित 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में आते हैं, जहां दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप दर्ज किए जाते हैं।
वेनेजुएला की सरकार ने हालात को देखते हुए देश में आपातकाल लागू कर दिया है। सभी आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है और भूकंप से हुए नुकसान की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या का पता लगाया जा रहा है और शुरुआती जांच के आधार पर कहा जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा हजारों में जा सकता है।