मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू: पांच राज्यों में घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी; कहां-कितने BLO होंगे तैनात?
देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो गया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। महाराष्ट्र में एक लाख से अधिक और कर्नाटक में 59 हजार से ज्यादा बीएलओ तैनात किए गए हैं। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा। 5 अगस्त को प्रारूप और 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आइए, मामले को विस्तार से समझते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त और अद्यतन करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और अपात्र नामों को सूची से हटाया जा सके। चुनाव आयोग का कहना है कि इससे मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी।
इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और उनसे मतदाता सूची में दर्ज जानकारी की पुष्टि कराएंगे। घर-घर जाकर सत्यापन का यह अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
किन पांच राज्यों में घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ?
दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो गया है। दिल्ली में 13 हजार से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं। महाराष्ट्र में एक लाख से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। कर्नाटक में 59 हजार से अधिक बूथ स्तर अधिकारी इस अभियान में जुटे हैं, जबकि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में 1,021 बीएलओ तैनात किए गए हैं। झारखंड में भी घर-घर गणना प्रपत्र वितरण का काम शुरू हो चुका है।
आज मैंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत अपना एवं अपने परिवार का गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरकर जमा किया।
मैं दिल्ली के सभी पात्र मतदाताओं से आग्रह करती हूँ कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। अपना गणना… pic.twitter.com/dSFpFfsF4i— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 30, 2026
| राज्य | बीएलओ की संख्या |
|---|---|
| दिल्ली | 13,000+ |
| महाराष्ट्र | 1,00,000+ |
| कर्नाटक | 59,050 |
| मेघालय | 1,021 |
मतदाताओं को क्या करना होगा?
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत बीएलओ प्रत्येक घर पर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र देंगे। मतदाताओं को फॉर्म में दर्ज जानकारी की जांच करनी होगी और उसे भरकर बीएलओ को वापस देना होगा। मतदाता चाहें तो बीएलओ की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनका पहचान पत्र भी देख सकते हैं। यदि किसी घर पर बीएलओ के पहुंचने के समय ताला लगा मिलता है, तो अधिकारी फॉर्म छोड़कर जाएंगे और कम से कम तीन बार दोबारा वहां पहुंचने का प्रयास करेंगे।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम पहले से मतदाता सूची में है, उन्हें सामान्य तौर पर केवल अपनी जानकारी सत्यापित करनी होगी। हालांकि, यदि किसी मामले में अतिरिक्त प्रमाण की जरूरत होगी, तो निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
कर्नाटक में क्यों सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है?
- कर्नाटक में इस अभियान के तहत 5 करोड़ 54 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। राज्य में 31 जिला निर्वाचन अधिकारी, चार अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, 224 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 336 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और 7,556 बीएलओ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 1.15 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
- कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने स्वयं गणना प्रपत्र भरकर लोगों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता हटाने के मानदंड, दस्तावेजों की सूची और तकनीकी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।
मतदाताओं को कौन-कौन से दस्तावेज रखने होंगे?
चुनाव आयोग ने मतदाता सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्यता दी है। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, दसवीं की अंकतालिका, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सरकारी पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज और आधार कार्ड शामिल हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक चरण में सभी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल उन मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएंगे, जहां जानकारी की पुष्टि आवश्यक होगी।
मतदाता सूची का अंतिम कार्यक्रम क्या रहेगा?
घर-घर सत्यापन और गणना प्रपत्रों का वितरण 29 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। मतदाता 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। चुनाव आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और समय सीमा के भीतर गणना प्रपत्र जमा करने की अपील की है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज रह सके।