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देश में मौसम के कई रंग: उत्तर-पश्चिम में चढ़ेगा पारा, दक्षिण में भारी बारिश; इस राज्य में चलेंगी तूफानी हवाएं
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 15 Jun 2026 05:19 AM IST
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सार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य और पूर्वी भारत में आंधी तथा बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है।
भारत में तेजी से बदलेगा मौसम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
जून के मध्य में देश का मौसम एक साथ कई रूप दिखाने जा रहा है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ बारिश और तेज हवाएं लेकर आएगा। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने का दौर शुरू होने के संकेत हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। इसी दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून भी आगे बढ़ेगा और कई नए इलाकों को कवर कर सकता है।
आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।इन राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 जून तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावी रहने की संभावना है, जहां 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने चेताया है कि इन परिस्थितियों में पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
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मध्य और पूर्वी भारत में बिजली गिरने का जोखिम
मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरलम, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मानसून की रफ्तार से खेती को मिलेगी राहत
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में इसके कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के कुछ क्षेत्रों व दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। मानसून की यह प्रगति खरीफ सीजन की बुवाई को गति दे सकती है और किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी की तीव्रता
बारिश और आंधी की गतिविधियों के समानांतर उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं। आईएमडी के अनुसार 18 जून तक क्षेत्र में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
कई क्षेत्रों में उमस भरा मौसम रहेगा
महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश तथा कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
देशभर में मौसम की यह बहुरंगी तस्वीर बताती है कि आने वाले दिनों में कहीं बारिश राहत देगी, कहीं तेज हवाएं चुनौती बनेंगी और कहीं बढ़ती गर्मी लोगों की परीक्षा लेगी। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
आईएमडी के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।इन राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
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पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 जून तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावी रहने की संभावना है, जहां 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने चेताया है कि इन परिस्थितियों में पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य और पूर्वी भारत में बिजली गिरने का जोखिम
मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरलम, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मानसून की रफ्तार से खेती को मिलेगी राहत
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में इसके कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के कुछ क्षेत्रों व दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंचने की संभावना है। मानसून की यह प्रगति खरीफ सीजन की बुवाई को गति दे सकती है और किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी की तीव्रता
बारिश और आंधी की गतिविधियों के समानांतर उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं। आईएमडी के अनुसार 18 जून तक क्षेत्र में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
कई क्षेत्रों में उमस भरा मौसम रहेगा
महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश तथा कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
देशभर में मौसम की यह बहुरंगी तस्वीर बताती है कि आने वाले दिनों में कहीं बारिश राहत देगी, कहीं तेज हवाएं चुनौती बनेंगी और कहीं बढ़ती गर्मी लोगों की परीक्षा लेगी। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।