पारा 40 डिग्री पार: दिल्ली-UP से महाराष्ट्र तक बरस रही आग, ओडिशा में भी तापमान बढ़ा; सतर्क रहने की सलाह जारी
देशभर में भीषण गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है और सूर्यदेव आग उगलते नजर आ रहे हैं। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं और जनजीवन पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। डॉक्टरों ने चेताया है कि इस तपिश में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आइए देशभर के अन्य राज्यों का हाल जानते हैं।
देशभर में भीषण गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है और सूर्यदेव आग उगलते नजर आ रहे हैं। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं और जनजीवन पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। डॉक्टरों ने चेताया है कि इस तपिश में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आइए देशभर के अन्य राज्यों का हाल जानते हैं।
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विस्तार
देशभर में गर्मी ने विकराल रूप ले लिया है और आसमान से आग बरसती महसूस हो रही है। फिर चाहे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हो या फिर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र या फिर ओडिशा। गर्मी के इस भीषण कहर से देश का लगभग-लगभग सभी राज्य बेहाल है। आम तौर पर मध्य मई से शुरू होने वाली गर्मी इस बार अलग प्रकार से कहर ढाने में लगी है। तभी तो अप्रैल से ही तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं और दोपहर में बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं। मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि हालात और बिगड़ सकते हैं, ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
देश में बढ़ती गर्मी को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में तापमान और बढ़ सकता है। तेज गर्मी के कारण लोगों की सेहत पर असर पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा गर्मी में शरीर जल्दी पानी और जरूरी नमक खो देता है, जिससे डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो सकती है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो चक्कर आना, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक तक हो सकता है।
शरीर पर कैसे असर डालती है गर्मी?
सामान्य तौर पर शरीर का तापमान करीब 36.9 डिग्री सेल्सियस होता है। जब बाहर का तापमान इससे ज्यादा हो जाता है, तो शरीर गर्मी को झेलने के लिए पसीना निकालता है। लेकिन ज्यादा देर तक गर्मी में रहने पर यह सिस्टम काम करना बंद कर सकता है और शरीर बीमार पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर मुंह सूखना, गहरे रंग का पेशाब, चक्कर आना, कमजोरी या मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो, तो यह डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं।
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ओआरएस की सलाह, समझिए जरूरी क्यों?
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पानी पीना काफी नहीं होता। शरीर में नमक और ग्लूकोज की कमी को पूरा करने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) लेना बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ओआरएस के एक पैकेट में सोडियम, ग्लूकोज, पोटैशियम और अन्य जरूरी तत्व होते हैं। इसे एक लीटर उबले और ठंडे पानी में घोलकर 24 घंटे के अंदर पीना चाहिए।
क्या सावधानी बरतें?
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि-
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दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचें
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ज्यादा से ज्यादा पानी और ORS लें
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हल्के कपड़े पहनें और ठंडी जगह पर रहें
कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी को हल्के में न लें। थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर पानी व ORS लेने से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
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मौमस वैज्ञानिक नरेश कुमार ने क्या कहा?
देश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग के वैज्ञानिक नरेंश कुमार ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के ज्यादातर इलाकों में आज हीटवेव (लू) की स्थिति बन गई है। हालांकि, राहत की खबर भी है। उन्होंने कहा कि एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) बन रहा है, जिसके कारण कल से तापमान में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। इसका असर पहले हिमालयी क्षेत्रों में दिखेगा और फिर मैदानों में भी महसूस होगा।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान 42-44 डिग्री
कुमार ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में आज तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। कल इसमें करीब 1 डिग्री की गिरावट आ सकती है और उसके बाद तापमान और नीचे जा सकता है। मध्य भारत में भी गर्मी से राहत परसों के बाद मिलने की उम्मीद है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में कल से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के लिए परसों के दिन येलो अलर्ट भी जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि मौसम में बदलाव हो सकता है।
कैसा है राष्ट्रीय राजधानी का हाल?
दिल्ली में इस समय कई दिनों से आसमान से आग बरस रही है। दिन के साथ रातें भी लगातार गर्म हो रही हैं। दोपहर के समय तो यूं मानों ऐसा लगता हो, जैसे भट्टी जल रही हो। इसी कड़ी में रविवार सुबह से ही तपती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। इससे लोगों का हाल बेहाल रहा और वह परेशान दिखे। वह घर से बाहर निकलते ही पसीना पोंछते नजर आए। यही नहीं, हालात ऐसे थे कि रात में भी सुकून नहीं मिला। दिन और रात के समय गर्म हवा चली।
मौसम विभाग ने पहले ऑरेंज फिर शाम तक आते-आते लू का यलो अलर्ट जारी किया हुआ था। इस दौरान अधिकतम तापमान 42.1 और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 60 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 22 प्रतिशत रही। वहीं, लगातार पांच दिन से पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया। इसके अलावा दिल्ली के कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा और लू की स्थिति बनी रही।
राजस्थान में भट्ठी जैसे तप रहे शहर
राजस्थान में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। बीते रविवार को बाड़मेर में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। राज्य के कई अन्य शहरों में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। दिनभर तेज धूप और लू के बाद देर शाम मौसम ने करवट ली। अजमेर और जोधपुर समेत कई जिलों में धूलभरी आंधी चली और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिली।
इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का उच्चतम स्तर है। इसके अलावा जैसलमेर में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस, जबकि कोटा और चित्तौड़गढ़ में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई अन्य जिलों में भी पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा।
इन इलाकों में बदला मौसम का मिजाज
रविवार शाम करीब 4 बजे के बाद जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के आसपास अचानक बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम के इस बदलाव से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली, हालांकि उमस बढ़ने की स्थिति भी बनी रही।
गर्मी ने कानपुर में तोड़ा 56 साल का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के नोडल अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि वर्ष 1971 से 2026 तक अप्रैल माह में अधिकतम पारा इतना कभी नहीं गया। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में 46 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रयागराज देश में तीसरा सबसे गर्म स्थान रहा।

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